अमेरिका ने जहाजरानी कंपनियों को चेताया, होर्मुज से आवाजाही के लिए भुगतान किया तो लगेगा प्रतिबंध
नेत्रपाल
- 02 May 2026, 09:59 PM
- Updated: 09:59 PM
बेरूत, दो मई (एपी) अमेरिका ने जहाजरानी कंपनियों को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करने पर उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के मध्य जारी टकराव के बीच अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा शुक्रवार को दी गई चेतावनी ने दबाव और बढ़ा दिया है।
आम तौर पर शांति के समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद जहाजों पर हमले की धमकियां देकर और हमले करते हुए जलडमरूमध्य को सामान्य यातायात के लिए लगभग बंद कर दिया।
बाद में, उसने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक मार्गों से मोड़कर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना शुरू किया, और कई बार इस सेवा के लिए शुल्क भी वसूला।
अमेरिका की प्रतिबंध चेतावनी का मुख्य केंद्र संबंधित "टोलबूथ" जैसी व्यवस्था है।
ओएएफसी के अनुसार, भुगतान की मांगों में केवल नकद ही नहीं, बल्कि ''डिजिटल परिसंपत्तियां, समायोजन, अनौपचारिक अदला-बदली, या अन्य प्रकार के वस्तु-आधारित भुगतान'' भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें परमार्थ दान और ईरानी दूतावासों में किए जाने वाले भुगतान भी शामिल हैं।
अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद किए जाने के जवाब में अपनी ओर से एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, जिससे किसी भी ईरानी तेल टैंकर को बाहर जाने से रोका गया और ईरान को उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आवश्यक तेल राजस्व से वंचित कर दिया गया।
अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस जाने को कहा गया है।
इस बीच, नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी का स्वास्थ्य अत्यधिक खतरे में है।
कैद में रखी गईं नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मदी शुक्रवार देर रात जेल से स्थानांतरित किए जाने के बाद उत्तर-पश्चिमी ईरान के जंजान में अस्पताल में भर्ती हैं।
उनके फाउंडेशन ने मानवाधिकार कार्यकर्ता की स्थिति को ''अत्यधिक जोखिम'' वाला बताया है, जिसमें रक्तचाप में उतार-चढ़ाव जैसी स्थिति शामिल है।
फाउंडेशन ने कहा कि जंजान में चिकित्सा टीम ने कोई भी उपचार करने से पहले उनके मेडिकल रिकॉर्ड की मांग की है, हालांकि फाउंडेशन ने सिफारिश की है कि उन्हें तेहरान स्थानांतरित कर दिया जाए ताकि उनके अपने चिकित्सक उनका उपचार कर सकें।
हालांकि, नरगिस के पति ताघी रहमानी ने रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसल्स) की इमेजिंग का जिक्र करते हुए कहा, ''खुफिया मंत्रालय अब भी नरगिस को एंजियोग्राफी के लिए तेहरान के अस्पताल में स्थानांतरित करने का विरोध कर रहा है।''
पेरिस में रहने वाले रहमानी ने फाउंडेशन द्वारा 'एसोसिएटेड प्रेस' के साथ साझा किए गए एक 'वॉयस मैसेज' में कहा, ''एंजियोग्राफी होने तक यह निर्धारित करना संभव नहीं है कि वर्तमान में उनकी मुख्य बीमारी क्या है।''
ओस्लो में रह रहे मोहम्मदी के भाई हामिदरेजा मोहम्मदी ने 'एपी' के साथ साझा किए गए एक वॉयस मैसेज में कहा कि चिकित्सक उनके अस्थिर रक्तचाप का इलाज करने में सक्षम नहीं हैं।
मोहम्मदी को शुक्रवार देर रात आपातकालीन स्थिति में जेल से स्थानांतरित कर दिया गया।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं, मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, तो देखते हैं आगे क्या होता है।" उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन ईरान के नेतृत्व के प्रति निराशा व्यक्त करते हुए इसे "बेहद अव्यवस्थित" बताया।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ने कहा कि तेहरान ने बृहस्पतिवार रात पाकिस्तान में मध्यस्थों को अपनी योजना सौंप दी।
तेहरान ने शनिवार को कहा कि उसने इजराइल के लिए जासूसी करने के दोषी दो लोगों को फांसी दे दी है।
ईरानी न्यायपालिका के समाचार प्रतिष्ठान 'मिजानऑनलाइन' ने उनकी पहचान यागूब करीमपुर और नासिर बेकरजादेह के रूप में की है। इसने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मृत्युदंड की सजा को बरकरार रो जाने के बाद उन्हें फांसी दी गई।
एपी
शुभम नेत्रपाल
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