तेलंगाना: सिरिसिला में बुनकरों की आत्महत्या को लेकर बीआरएस-कांग्रेस में वाकयुद्ध
शुभम नेत्रपाल
- 30 Jun 2024, 03:13 PM
- Updated: 03:13 PM
करीमनगर, 30 जून (भाषा) तेलंगाना के सिरिसिला में हाल में एक बुनकर की आत्महत्या ने कपड़ों के इस केंद्र में कथित तौर पर काम कम होने और पर्याप्त आय की कमी को उजागर किया है जिसे लेकर विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है।
कुडिक्याला नागराजू (47) ने कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कारण हाल में सिरसिला में तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली थी।
दावा किया जा रहा है कि इस साल अब तक दस बुनकरों ने आत्महत्या की है जबकि सरकार ने यह संख्या छह बताई है। बीआरएस ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा है।
नागराजू की पत्नी लावण्या ने 'पीटीआई भाषा' से कहा, "मेरे पति ने कुछ पैसे उधार लिए थे और उसे चुकाने में असमर्थ थे। उनके पास मेरा और हमारे दो बेटों का ध्यान रखने के लिए आजीविका का साधन नहीं था।"
अदिचेरला साई कुमार (25) ने भी कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कारण इस साल अप्रैल में 'आत्महत्या' कर ली थी।
मृतक के भाई महेंद्र ने कहा, "मेरा भाई सिरसिला में एक पावरलूम में काम करता था। इलाके में पावरलूम बंद होने के कारण उसके पास कुछ समय से कोई काम नहीं था। उसने पैसे उधार लिए और चुकाने में विफल रहा।"
भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीआईटीयू) के पावरलूम श्रमिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुशा रमेश ने बताया कि तेलंगाना के करीमनगर में स्थित सिरसिला में करीब 10 हजार पावरलूम हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 27 हजार थी। उन्होंने कहा कि करीब नौ-दस हजार परिवार अपनी आजीविका के लिए इन पर निर्भर हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान मजदूरों को साड़ियां और स्कूल की पोशाक बनाने का काम मिला था जिन्हें गरीबों में मुफ्त में बांटा जाता था, लेकिन अब पावरलूम मजदूरों के पास काम नहीं है।
रमेश ने कहा कि मजदूर खर्च के लिए कर्ज लेते हैं और जब उसे चुका नहीं पाते हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उनके अनुसार, इस वर्ष सिरसिला जिले में दस बुनकरों ने आत्महत्या कर ली।
कुडिक्याला नागराजू की 'आत्महत्या' के मुद्दे पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव और तेलंगाना के कपड़ा मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने एक-दूसरे पर निशाना साधा। रामा राव राज्य विधानसभा में सिरसिला का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को लिखे एक खुले पत्र में रामा राव ने सरकार को बुनकरों की कथित आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने दावा किया कि काम और आय की कमी के कारण हाल के दिनों में लगभग दस बुनकरों ने अपनी जान दे दी है।
उन्होंने मृतक बुनकरों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की।
राज्य के मंत्री नागेश्वर राव ने रामा राव पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार ने बुनकरों के काम का भुगतान न करके उन्हें संकट में डाल दिया था।
अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री राव ने कहा कि सरकार ने हथकरघा और पावरलूम के आधुनिकीकरण के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
सिरसिला से विगत में भी बड़ी संख्या में बुनकरों की 'आत्महत्या' की खबरें आई थीं।
भाषा
शुभम