महिला आरक्षण संबंधी विधेयक के पारित नहीं होने के खिलाफ दिल्ली विस ने निंदा प्रस्ताव पारित किया
वैभव
- 28 Apr 2026, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने लोकसभा में महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने को लेकर विपक्षी दलों के खिलाफ मंगलवार को निंदा प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने को भारतीय लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया।
गुप्ता ने विधानसभा के विशेष सत्र में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर संकीर्ण राजनीतिक लाभ हासिल करने और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को गिराने करने की "साजिश" रचने का आरोप लगाया। इस प्रस्ताव को सदन में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) ने यह आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया कि उन्हें खुलकर बोलने नहीं दिया गया। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दावा किया कि प्रत्येक विपक्षी सदस्य को समय दिया गया था और उन्होंने सत्ताधारी सदस्यों की बात सुनने से बचने के लिए बहिर्गमन का नाटक किया।
महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए, अध्यक्ष ने भाजपा विधायक शिखा राय को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही संचालित करने के लिए आमंत्रित किया।
विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेता महिला आरक्षण संबंधी विधेयक का विरोध करते-करते बेतुकी बातें करने लगे।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित महिला नेताओं की भी आलोचना की और उन पर महिला विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।
गुप्ता ने अपने भाषण में कहा, "प्रियंका गांधी ने 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा दिया और जब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थीं तो वह खुद भाग गईं।"
उन्होंने कहा कि महिलाएं 78 वर्षों के अपने इंतजार के अंत की उम्मीद में संसद की ओर देख रही थीं, लेकिन विपक्ष विधेयक को गिराने पर तुला हुआ था। उन्होंने कहा, "यह एक दुखद दिन था और हमारे लोकतंत्र का एक काला अध्याय है।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने राज्य विधानसभाओं और संसद में 2029 तक महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पेश किए, लेकिन विधेयक पारित नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने वाला विधेयक संसद में सात बार पेश किया गया और विपक्षी दलों ने हर बार इसे गिरा दिया।
गुप्ता ने यह भी कहा कि विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा और दावा किया कि इसके पीछे कोई "षड्यंत्र" जरूर होगा। साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) में मुश्किल से टिके रहने के लिए आतिशी के प्रति सहानुभूति भी व्यक्त की।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला आरक्षण संबंधी विधेयक को संसद की मंजूरी नहीं मिलने के विरोध में विधानसभा परिसर में सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों के प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
भाजपा के विधायकों और मंत्रियों ने सदन में काले रंग की पट्टी बांधकर विधेयक के पारित नहीं होने के खिलाफ अपना विरोध जताया।
चर्चा के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी के विधायकों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। ग्रेटर कैलाश से भाजपा विधायक शिखा राय ने कहा कि यह विधेयक पूरी तरह से न्यायसंगत था क्योंकि इससे पुरुषों के लिए सीटों की संख्या कम किए बिना संतुलन बनाए रखा जाएगा और महिलाओं के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा ने लोकसभा में विधेयक के गिरने को लेकर आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष की जमकर आलोचना की। सिरसा ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण संबंधी विधेयक को पारित नहीं होने देकर "पाप" किया है।
संजीव झा, कुलदीप कुमार, विशेष रवि और अजय दत्त समेत विपक्षी सदस्यों ने भाजपा पर हमला करते हुए पूछा कि पार्टी या आरएसएस के प्रमुख के रूप में किसी महिला को कभी नियुक्त क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बंगाल और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनावों में लाभ के लिए महिला आरक्षण संबंधी विधेयक पेश किया।
भाषा नोमान नोमान वैभव
वैभव
2804 2014 दिल्ली