दिल्ली वर्षा: उपराज्यपाल सक्सेना ने विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया
अमित माधव
- 29 Jun 2024, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने भारी बारिश के बाद क्षति का आकलन करने और उपचारात्मक उपायों की निगरानी के लिए राष्ट्रीय राजधानी के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों और जल निकासी प्रणालियों का निरीक्षण किया।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मानसून ने राष्ट्रीय राजधानी में दस्तक दी और इसकी पहली बारिश हुई। विभाग के अनुसार सफदरजंग में देर रात 2.30 बजे से सुबह 5.30 बजे के बीच तीन घंटे में 153.7 मिलीमीटर भारी बारिश दर्ज की गई। बयान के अनुसार, जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए दिए गए निर्देशों के बाद उपराज्यपाल सक्सेना ने शनिवार को प्रमुख स्थानों का दौरा किया।
मुख्य सचिव सह अध्यक्ष नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), आयुक्त दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, सक्सेना ने तैमूर नगर, बारापुला नाला, आईटीपीओ, तिलक ब्रिज, कुशक नाला, गोल्फ लिंक्स और भारती नगर में नालों का निरीक्षण किया।
बयान में कहा गया है कि सक्सेना ने अपने दौरे के दौरान पाया कि ये सभी नालियां कचरे, मलबे और कीचड़ से भरी हुई हैं, जिससे दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में जलभराव हो गया।
बयान में कहा गया है कि नगर निगम विभाग के तहत तैमूर नगर नाले में, सक्सेना ने देखा कि बड़ी मात्रा में गाद और कचरा जमा होने से पानी ठीक तरह से नहीं बह पा रहा है, जिससे ओखला, तैमूर नगर, शाहीन बाग, जसोला, भारत नगर, जामिया नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और महारानी बाग जैसी कॉलोनियों में भारी जलजमाव हो गया।
बयान में कहा गया है कि लोक कल्याण विभाग द्वारा रखरखाव वाले आईटीपीओ और तिलक ब्रिज नालों पर भी सक्सेना ने पाया कि कचरा और मलबा डाले जाने के कारण नालियां जाम हो गई हैं, जिससे पानी वापस बह रहा है और आईटीओ के आसपास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है।
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री एवं पूर्वी दिल्ली के सांसद हर्ष मल्होत्रा और नयी दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज भी अपने-अपने क्षेत्रों के दौरे के दौरान उपराज्यपाल के साथ थे।
कुशक नाला, गोल्फ लिंक और भारती नगर के स्थानीय लोगों ने भी नालियों और सीवर लाइन के जाम होने की शिकायत की, जिसके बाद उपराज्यपाल ने नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को तत्काल नालों से गाद निकालने और भारी बारिश के दौरान जलभराव को दूर करने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पंप लगाने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सक्सेना ने चेतावनी दी कि आगे से किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तीन से चार दिनों के भीतर नालों से सारा कचरा, मलबा और कीचड़ हटाने और फोटो और वीडियो साक्ष्य के साथ पूरा होने की रिपोर्ट देने के सख्त निर्देश भी दिए।
सक्सेना ने भविष्य में जलभराव की घटनाओं को रोकने के लिए राजधानी के लिए एक व्यापक और पूर्ण-सुरक्षित जल निकासी योजना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने तदर्थ संकट प्रबंधन उपायों के बजाय दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया तथा इस बात पर प्रकाश डाला कि उनके प्रशासन ने जनता को कम से कम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पहले दिन से ही मानसून की तैयारियों को प्राथमिकता दी है।
आईएमडी ने अपने सात दिवसीय पूर्वानुमान में कहा कि अगले चार दिनों तक भारी बारिश की भविष्यवाणी के कारण दिल्ली ऑरेंज अलर्ट पर रहेगी।
भाषा अमित