केरल : ईडी ने धनशोधन मामले में माकपा के भूखंड और बैंक जमाराशि को कुर्क किया
शफीक सुरेश
- 29 Jun 2024, 07:43 PM
- Updated: 07:43 PM
नयी दिल्ली/कोच्चि, 29 जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास धनशोधन की आय है। एजेंसी ने करुवन्नूर सेवा सहकारी बैंक ‘घोटाला’ से जुड़ी मौजूदा धनशोधन जांच के तहत राज्य में माकपा के एक कथित भूखंड और 73 लाख रुपये की बैंक जमाराशि को कुर्क किया है।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आदेश जारी होने के बाद संघीय एजेंसी ने मामले से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों की 28.65 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस मामले में दाखिल किए जाने वाले अगले पूरक आरोप-पत्र में पार्टी को आरोपी के तौर पर नामित किया जा सकता है।
अगर ऐसा होता है तो यह आम आदमी पार्टी के बाद धनशोधन जांच में आरोपी के तौर पर नामित होने वाली दूसरी राजनीतिक पार्टी होगी। हाल ही में ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में ‘आप’ को बतौर आरोपी नामित किया है।
माकपा ने गड़बड़ी और धनशोधन के आरोपों से इनकार किया है।
ईडी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में 18 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिसमें ‘घोटाले’ के लाभार्थियों की केरल में भूमि और भवन शामिल हैं, जिनकी कीमत 28.65 करोड़ रुपये है।
बयान में कहा गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में माकपा के एक जिला सचिव के नाम पर पार्टी कार्यालय के लिए पंजीकृत 10 लाख रुपये की अचल संपत्ति भी शामिल है।
इसमें कहा गया कि कुर्क की गयी संपत्तियों में केरल के त्रिशूर जिले में राजनीतिक दल के ‘अघोषित’ बैंक खातों में रखी 63.62 लाख रुपये की जमाराशि शामिल हैं।
एजेंसी ने दावा किया कि माकपा ने लाभार्थियों से शासी निकाय के माध्यम से दान के रूप में ये धनराशि प्राप्त की और पार्टी के पास ‘‘ये अपराध से अर्जित आय’’ है, जिसे अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया गया है और करुवन्नूर सेवा सहकारी बैंक लिमिटेड के पांच बैंक खातों में जमा किया गया है।
माकपा ने ईडी के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह करोड़ों रुपये के कथित करुवन्नूर बैंक घोटाले से संबंधित मामले में उसे आरोपी बनाने की जांच एजेंसी के किसी भी कदम का कानूनी और राजनीतिक रूप से डटकर मुकाबला करेगी।
पार्टी के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने आरोप लगाया कि ईडी राजनीतिक कारणों से विभिन्न मामलों में विपक्षी दलों एवं उनके नेताओं को आरोपी बनाने का प्रयास कर रही है।
ईडी का मानना है कि उसने जो भूखंड कुर्क किया है वह माकपा के पार्टी कार्यालय के लिए था और उसे ऋणधारकों या करुवन्नूर सेवा सहकारी बैंक द्वारा मंजूर किये गये ऋण के लाभार्थियों से मिली कथित रिश्वत से खरीदा गया था।
एजेंसी ने इस मामले में कम से कम दो आरोपियों के ‘इकबालिया’ बयानों पर भरोसा किया है। इन आरोपियों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में दावा किया कि बैंक में कथित अनियमितताएं माकपा की त्रिशूर जिला समिति के नेताओं के इशारे पर हुईं।
गोविंदन ने कहा कि पार्टी इकाइयों के कार्यालय और अन्य संपत्तियों को संबंधित जिला समितियों के नाम पर पंजीकृत करने की यह दशकों पुरानी प्रथा रही है।
उन्होंने पूछा कि किसी स्थानीय समिति द्वारा निर्मित कार्यालय में पार्टी की क्या भूमिका है?
गोविंदन ने दावा किया कि ईडी अब ऐसी ही एक पार्टी इकाई की संपत्ति के नाम पर माकपा की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
भाषा शफीक