अदालत ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत के अनुरोध वाली सीबीआई की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
आशीष दिलीप
- 29 Jun 2024, 05:47 PM
- Updated: 05:47 PM
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की 14 दिन की न्यायिक हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा कि ‘‘जांच और न्याय के हित में’’ उनकी हिरासत आवश्यक है।
विशेष न्यायाधीश सुनयना शर्मा ने याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। इससे पहले केजरीवाल को तीन दिन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद सीबीआई ने अदालत में पेश किया।
सीबीआई ने अपनी रिमांड याचिका में कहा कि हिरासत में पूछताछ के दौरान केजरीवाल ने जांच में सहयोग नहीं किया और जानबूझकर गोलमोल जवाब दिए।
याचिका में कहा गया, ‘‘सबूतों के सामने रखे जाने पर उन्होंने दिल्ली की आबकारी नीति 2021-22 के तहत थोक विक्रेताओं के लिए लाभ मार्जिन पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के संबंध में उचित और सही जवाब नहीं दिया।’’
याचिका में कहा गया, ‘‘वह यह भी नहीं बता सके कि कोविड की दूसरी लहर के चरम के दौरान, संशोधित आबकारी नीति के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी एक दिन के भीतर जल्दबाजी में कैसे प्राप्त की गई, जबकि साउथ ग्रुप के आरोपी व्यक्ति दिल्ली में डेरा डाले हुए थे और उनके करीबी सहयोगी विजय नायर के साथ बैठकें कर रहे थे।’’
याचिका में कहा गया है कि केजरीवाल ने दिल्ली में शराब कारोबार के विभिन्न हितधारकों के साथ अपने सहयोगी विजय नायर की बैठकों के बारे में सवालों को टाल दिया और वह मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, आरोपी अर्जुन पांडे और आरोपी मूथा गौतम के साथ अपनी बैठक के बारे में उचित स्पष्टीकरण देने में असमर्थ रहे।
याचिका में कहा गया कि केजरीवाल ने 2021-22 के दौरान गोवा विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी द्वारा 44.54 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि के अंतरण और उपयोग के बारे में भी सवालों को टाल दिया। याचिका में कहा गया, ‘‘केजरीवाल जानबूझकर मामले से संबंधित उचित और प्रासंगिक सवालों से बच रहे हैं।’’
याचिका में कहा गया है कि वह एक प्रमुख नेता और दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति हैं, ऐसे में यह मानने के ठोस कारण हैं कि वह हिरासत में पूछताछ के दौरान गवाहों और सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं तथा जांच में बाधा डाल सकते हैं।
याचिका में कहा गया कि चूंकि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों का परीक्षण अभी बाकी है और दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जाने हैं, इसलिए ‘‘जांच और न्याय के हित में’’ केजरीवाल की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया जाता है।
भाषा आशीष