तृणमूल कांग्रेस टैगोर के पैतृक निवास को उपयुक्त सम्मान नहीं दे रही: आदित्यनाथ
मनीषा
- 22 Apr 2026, 03:19 PM
- Updated: 03:19 PM
कोलकाता, 22 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान करीब 7,000 बड़े उद्योग बंद हो गए और कई क्षेत्रों में कभी अग्रणी रहा यह राज्य अब सबसे निचले पायदान पर आ गया है।
बड़ाबाजार में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता ने नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के यहां जोरासांको स्थित पैतृक निवास का जिक्र किया और तृणमूल पर इसकी विरासत को उपयुक्त महत्व नहीं देने का आरोप लगाया।
आदित्यनाथ ने कहा, ''बंगाल, जो कभी ज्ञान का केंद्र हुआ करता था, अब 7,000 बड़े उद्योगों, हजारों लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों के बंद होने और 30 लाख युवाओं की नौकरियां जाने का गवाह है।''
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ''तृणमूल के गुंडों'' ने टैगोर के पैतृक घर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीरें लगाई हैं, जहां कवि ने अपने जीवन का अधिकांश समय बिताया था और कई साहित्यिक कृतियों की रचना की।
उन्होंने कहा, ''आदर्श रूप से, टैगोर के अलावा, वहां केवल भारत माता की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए थी। लेकिन तृणमूल भारत माता को उपयुक्त सम्मान नहीं देती क्योंकि उसे भारतीय संस्कृति से कोई प्रेम नहीं है। यह शर्म की बात है कि तृणमूल ने नवजागरण के अग्रदूत बंगाल को इस स्थिति में ला दिया है।''
आदित्यनाथ ने 'वंदे मातरम्' की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर पश्चिम बंगाल की खोई हुई गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए तृणमूल को सत्ता से हटाकर भाजपा को सत्तारूढ़ करने की अपील की।
उन्होंने कहा, ''तृणमूल ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना (वंदे मातरम्) का सम्मान करने के लिए क्या किया? वह रचना तो आजादी का नारा बन गई थी।''
कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और तृणमूल कांग्रेस पर दशकों तक कुशासन में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए, आदित्यनाथ ने दावा किया कि राज्य ''उद्योगों का कब्रिस्तान'' बन गया है। उन्होंने कहा कि केवल ''डबल इंजन की सरकार'' ही इसके पुराने वैभव को बहाल कर सकती है।
राज्य सरकार में मंत्री एवं तृणमूल नेता फिरहाद हकीम पर उर्दू का प्रसार करने के पक्ष में बोलने का आरोप लगाते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि बांग्ला अस्मिता से समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ''बांग्ला कोलकाता और बंगाल की भाषा बनी रहेगी। अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण करने वाले तृणमूल नेताओं द्वारा बांग्ला अस्मिता को ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती।''
आदित्यनाथ ने कहा, ''बंगाल मां काली की पूजा के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन तृणमूल काली और (देवी) दुर्गा की शोभायात्राओं पर रोक लगा रही है तथा कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर रही है।''
उन्होंने कहा, ''ममता दीदी को भगवान राम के नाम से परेशानी है और उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर (के निर्माण) का विरोध किया था। क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं जो भगवान राम के प्रति हमारे सदियों पुराने भावनात्मक जुड़ाव के अनुरूप न हो?''
भाषा सुभाष मनीषा
मनीषा
2204 1519 कोलकाता