पहलगाम हमले में पति और पुत्र को खोने वाली महिला सदमे से उबर नहीं पाई
रंजन
- 21 Apr 2026, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
भावनगर (गुजरात), 21 अप्रैल (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति और किशोर बेटे को खोने के एक साल बाद भी काजलबेन परमार उस सदमे से उबर नहीं पाई हैं, लेकिन मंगलवार को उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद किया, क्योंकि इससे उन्हें "न्याय का एहसास" हुआ है।
गुजरात के भावनगर के रहने वाले और हेयर सैलून के मालिक यतीशभाई परमार तथा उनके 17 वर्षीय बेटे स्मित उन लोगों में शामिल थे, जिनकी 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी।
काजलबेन उनके साथ थीं और वह हमले में बच गईं।
उस दुखद दिन को याद करते हुए काजलबेन ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि इस नुकसान ने उन्हें "पूरी तरह से बेबस" कर दिया।
उन्होंने आवाज में गहरे दर्द के साथ कहा, "मैंने अपने पति और बेटे को खो दिया... वे देश के लिए शहीद हो गए। आज भी मैं इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही हूं।"
इस सदमे का उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ा, जिसके चलते पिछले एक साल में उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों से मैं अस्पताल में भर्ती थी। मेरे सीने में अक्सर दर्द होता है।"
उनकी मुख्य चिंता इस समय लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर रहे अपने बड़े बेटे अभिषेक (23) के भविष्य को लेकर है।
उन्होंने कहा, "सरकार से मेरी बस यही एक मांग है कि मेरे बेटे को कोई छोटी-मोटी सरकारी नौकरी मिल जाए। अब मेरा कोई आर्थिक सहारा नहीं है।"
उन्होंने बताया कि परिवार ने अधिकारियों के सामने कई बार अपनी बात रखी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, "हम हर जगह दौड़े-भागे, अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन हमें कोई समर्थन या सहयोग नहीं मिला।"
हालांकि, काजलबेन ने हमले पर सरकार की प्रतिक्रिया, विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें कुछ हद तक न्याय मिलने का एहसास हुआ।
उन्होंने कहा, "मैं एक बार प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम देने के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं... उनसे मेरी बस यही प्रार्थना है कि वे आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म कर दें।"
परमार पिता-पुत्र की जोड़ी के अलावा, सूरत निवासी शैलेश कलाथिया भी गुजरात के तीन पीड़ितों में शामिल थे।
भाषा
शुभम रंजन
रंजन
2104 2304 भावनगर