पश्चिम एशिया संकट: सरकार ने ग्रामीण योजनाओं की समीक्षा की
अजय
- 20 Apr 2026, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) सरकार ने ग्रामीण कल्याण और बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की है। सरकार ने कहा है कि ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा निर्बाध रूप से जारी रहेगी और इसके लिए मजदूरी भुगतान को 17,744 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं और कीमतों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए यह समीक्षा की गयी है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह उन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है जिनका ग्रामीण आजीविका, आवास निर्माण, सड़क विकास और जलसंभरण गतिविधियों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही लाभ की निरंतरता, समय पर कोष प्रवाह और योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना प्रस्तावित विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम, 2025 के लागू होने तक पूरी तरह से चालू रहेगी और मजदूरी रोजगार में कोई बाधा नहीं आएगी।
मांग आधारित कार्य और समय पर मजदूरी भुगतान सहित सभी वैधानिक अधिकार बिना किसी कमी के जारी रहेंगे और मौजूदा मजदूरी दरें लागू रहेंगी।
प्रस्तावित विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है और संशोधित मजदूरी दरों को अलग से अधिसूचित किया जाएगा।
विकसित भारत-जी राम जी के लिए विशिष्ट परिचालन दिशा-निर्देशों का मसौदा वर्तमान में तैयार किया जा रहा है। इन नियमों के आधिकारिक रूप से अधिसूचित होने तक, ग्रामीण परिवारों को उनके गारंटीकृत कार्य में कोई बाधा न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा पूरी तरह से प्रभावी रहेगी।
मंत्रालय ने ग्रामीण आवास के संबंध में कहा कि वह मार्च, 2029 तक 4.95 करोड़ घरों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लागू कर रहा है।
आपूर्ति में संभावित बाधा या मूल्य में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए समय पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, आवाससॉफ्ट के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी, जियो-टैगिंग और निर्माणाधीन घरों के निर्माण में तेजी लाने जैसे उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, सभी चरणों में स्वीकृत कार्यों के लिए या तो निविदाएं जारी की जा चुकी हैं या वे निष्पादन के अधीन हैं।
मंत्रालय ने कहा कि वह उभरती चुनौतियों से निपटने और कार्यक्रमों के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय कर रहा है।
भाषा रमण अजय
अजय
2004 2225 दिल्ली