मानसून के पहले ही दिन घुटनों पर आई दिल्ली, एक व्यक्ति की मौत
जोहेब रंजन
- 28 Jun 2024, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) दिल्ली में शुक्रवार को मानसून के पहले दिन लगातार तीन घंटे तक बारिश हुई जो पिछले 88 सालों में इस महीने हुयी सर्वााधिक वर्षा है। बारिश के कारण दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया गया। राजधानी के कई हिस्से जलमग्न हो गए।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1936 के बाद शहर में पिछले 88 वर्षों में जून में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, और 1901 से 2024 की अवधि में यह दूसरी सबसे अधिक बरसात है।
तड़के हुई भारी बारिश राष्ट्रीय राजधानी को घुटनों पर ले आई, जिसकी वजह से रोहिणी इलाके में करंट लगने से 39 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा वसंत विहार में निर्माणाधीन दीवार गिरने पर तीन मजदूर उसके नीचे दब गए। शाम तक बचाव कार्य जारी रहा और हर बीतते मिनट के साथ उनके जिंदा बचे होने की उम्मीदें दम तोड़ने लगीं।
दिल्लीवासी सुबह जब सोकर उठे तब तक भारी बारिश राजधानी को तर-बतर कर चुकी थी। इस दौरान लोगों के घरों में पानी भर गया, वाहन डूब गए और मीलों लंबा यातायात जाम लग गया, जिसे खत्म होने में घंटों लग गए। हजारों यात्री सड़कों पर फंसे रहे, जिनमें से कई अपने कार्यालय और दूसरे कामों पर नहीं जा सके।
बारिश के बाद प्रगति मैदान की सुरंग बंद कर दी गई। इसके अलावा लुटियंस दिल्ली, हौज खास, साउथ एक्सटेंशन और मयूर विहार जैसे पॉश इलाकों समेत पूरे शहर में घरों में पानी भरने की खबरें मिली हैं।
शहर के प्राथमिक मौसम केंद्र, सफदरजंग वेधशाला ने शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से पहले के 24 घंटों में 228.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जो जून की औसत बारिश 74.1 मिमी से तीन गुना अधिक है। साल 1936 के बाद से 88 वर्षों में इस महीने में हुई यह सबसे अधिक बारिश है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार एक दिन में 124.5 से 244.4 मिमी के बीच हुई बारिश बहुत भारी बारिश मानी जाती है। आईएमडी ने कहा कि दिल्ली में मानसून दस्तक दे चुका है।
बारिश रात करीब तीन बजे शुरू हुई थी।
हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर बारिश के बीच एक दुखद घटना हुई। सुबह करीब पांच बजे, प्रस्थान क्षेत्र का छत का हिस्सा गिर गया, जिसके चलते कई लोग उसमें फंस गए। इसके अलावा, इसे सहारा देने वाले लौह स्तंभ भी गिर गए, जिससे वहां खड़ी कारें दब गईं।
सूत्रों ने बताया कि रमेश कुमार नामक टैक्सी चालक को एक कार से निकाला गया जिस पर लोहे का स्तंभ गिरा हुआ था। उन्होंने कहा कि कुमार को टर्मिनल के पास मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नागर विमानन मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “... टर्मिनल 1 पर उड़ानों का आवागमन अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। उड़ानों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।”
दिल्ली हवाई अड्डे की परिचालक कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीएआईएल) ने छत का हिस्सा गिरने की घटना की जांच के लिए एक तकनीकी समिति गठित की है।
कंपनी ने एक बयान में कहा, “छत का हिस्सा गिरने के कारण पता लगाया जा रहा है, लेकिन शुरुआती वजह पिछले कुछ घंटों में हुई भारी बारिश प्रतीत होती है।”
टी-1 पर केवल इंडिगो और स्पाइसजेट की घरेलू उड़ानें संचालित होती हैं। हवाई अड्डे पर तीन टर्मिनल टी-1, टी-2 और टी-3 हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 1,400 उड़ानों का संचालन होता है।
इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण पूरे नेटवर्क पर परिचालन प्रभावित हुआ है।
स्पाइसजेट ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि टी-1 अगले आदेश तक परिचालन के लिए आंशिक रूप से बंद रहेगा।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे की छत का हिस्सा गिरने की घटना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 337 और 304 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बारिश के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
दिल्ली सरकार ने स्थिति का जायजा लेने के लिए दोपहर में एक आपातकालीन बैठक की।
दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा, “1936 के बाद पहली बार दिल्ली में 24 घंटे में 228 मिलीमीटर बारिश हुई। इसका मतलब है कि दिल्ली में कुल मानसूनी बारिश (800 मिलीमीटर) में से 25 प्रतिशत बारिश सिर्फ 24 घंटे में हुई। इस वजह से कई इलाकों में नाले ओवरफ्लो हो गए और पानी निकलने में समय लगा।”
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, "दिल्ली में भारी बारिश को देखते हुए डीटीसी की टीमें ऐसी सभी जगहों और अंडरपास पर तैनात की गई हैं, जहां जलभराव की आशंका है, ताकि दिल्ली सरकार की बसें जलभराव में न फंसें।"
उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने भी एक आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा जलभराव की शिकायतों से निपटने के लिए पानी निकालने वाले पंप तैनात करने का निर्देश दिया।
इस बीच, भाजपा पार्षद रविंदर सिंह नेगी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्हें पानी से भरी सड़क पर नाव चलाते देखा गया।
नेगी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हम पिछले एक महीने से पीडब्ल्यूडी के नालों की सफाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली सरकार ने कुछ नहीं किया। नतीजा यह है कि आज पूरा शहर पानी से लबालब है और सरकार ने कोई प्रबंध नहीं किया।’’
राष्ट्रीय राजधानी में जलभराव की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर निशाना साधते हुये भाजपा ने मथुरा रोड स्थित आतिशी के आवास में पानी घुसने की तस्वीरें भी साझा कीं।
कई आवासीय क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को कमर तक भरे पानी में चलकर जाते देखा गया।
सांसद शशि थरूर और मनीष तिवारी ने ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें वे संसद जाते समय लुटियंस दिल्ली में अपने-अपने घरों के बाहर भरा पानी दिखाया।
थरूर ने लिखा, "... सुबह जब मैं उठा तो पाया कि मेरा पूरा घर एक फुट पानी में डूबा हुआ है - हर कमरा। कालीन और फर्नीचर, बल्कि जमीन पर पड़ी हर चीज खराब हो गई है।”
कुछ ही देर बाद एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह इस बात से आश्चर्यचकित और प्रभावित हुए कि ट्वीट के कुछ ही मिनट बाद उपराज्यपाल वी के सक्सेना की ओर से फोन कॉल आया।
उन्होंने कहा, "श्री वी के सक्सेना ने विम्रता दिखाते हुए हाल जाना। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे की वजह से प्रभावी कार्रवाई में आने वाली बाधाओं के बारे में बताया।"
तिवारी ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह अपने घर से टखने तक भरे पानी में बाहर निकलते नजर आ रहे हैं और उनकी पैंट ऊपर चढ़ी हुई है।
एक वीडियो में समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव को उठाकर उनकी कार तक ले जाते हुए देखा गया।
भाषा जोहेब