टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस ने जेडटीई से विवाद सुलझाया, एनसीएलएटी में अपील वापस ली
अजय
- 19 Apr 2026, 11:52 AM
- Updated: 11:52 AM
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस ने जेडटीई टेलीकॉम इंडिया के साथ अपने कर्ज के विवाद को सुलझा लिया है और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में अपनी अपील को वापस ले लिया है। कंपनी ने दूरसंचार उपकरण विनिर्माता के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने के आदेश को रद्द करने के खिलाफ एनसीएलएटी में अपील की थी।
इस सप्ताह की शुरुआत में, टीवीएस सप्लाई चेन के वकील ने एनसीएलएटी को इस समझौते के बारे में बताते हुए अपील वापस लेने का अनुरोध किया था।
एनसीएलएटी के चेयरपर्सन अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की दो सदस्यीय पीठ ने कंपनी को अपील वापस लेने की अनुमति दे दी।
एनसीएलएटी ने कहा, ''टीवीएस के वकील का कहना है कि पक्षों के बीच मामला सुलझ गया है और उन्हें यह अपील वापस लेने की इजाजत दी जा सकती है। उन्हें अपील वापस लेने की अनुमति दी जाती है।''
पिछले साल अक्टूबर में, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की चंडीगढ़ पीठ ने टीवीएस सप्लाई चेन की दिवाला अर्जी को दोनों पक्षों के बीच पहले से मौजूद विवाद को देखते हुए खारिज कर दिया था। एनसीएलटी ने अपने आदेश में कहा था कि टीवीएस सप्लाई चेन का कर्ज दावा विवादित था और 2017 से सुलह-सफाई के तहत था।
टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस को पूर्व में टीवीएस लॉजिस्टिक्स सर्विसेज के नाम से जाना जाता था। उसने दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता की धारा नौ के तहत अर्जी देकर जेडटीई से 4.27 करोड़ रुपये की चूक का दावा करते हुए एनसीएलटी का रुख किया था। यह विवाद जून, 2012 से फरवरी, 2019 के समय का है।
जेडटीई जो रिलायंस, टाटा, एयरसेल और बीएसएनएल जैसी कंपनियों के लिए दूरसंचार उपकरणों की आपूर्तिकर्ता है, ने टीवीएस सप्लाई चेन के साथ दो मास्टर सेवा करार (एमएसए) किए थे।
एमएसए के मुताबिक, टीवीएस सप्लाई चेन ने नियमित अंतराल पर बिल जारी किए, जिनका भुगतान इनको जारी करने के 30 दिन के भीतर होना था। टीवीएस सप्लाई चेन ने आरोप लगाया कि जेडटीई ने आम तौर पर या तो बिल के बदले थोड़ा भुगतान किया या बिल ठीक नहीं होने का बहाना बनाकर भुगतान में देरी की। उसकी कुछ रकम 2012 से हर समय बकाया रही है।
सितंबर, 2015 तक, जेडटीई पर अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 7.04 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया था।
हालांकि, जेडटीई पहले के बिलों में गड़बड़ियों का दावा कर रही थी। बाद में, दोनों पक्षों के बीच कुछ ईमेल का आदान-प्रदान हुआ।
आखिर में, 29 जनवरी, 2018 को, जेडटीई ने टीवीएस को एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया था कि टीवीएस के बिल या इनवॉइस में 5.60 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ियां हैं।
नौ जुलाई, 2018 को, टीवीएस ने आईबीसी की धारा 8 के तहत एक मांग नोटिस जारी किया, जिसमें 4.27 करोड़ रुपये मूल राशि और 12 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज की मांग की गई। सात मई, 2019 को, टीवीएस ने जेडटीई के खिलाफ एनसीएलटी में दिवाला अपील दायर की।
भाषा अजय अजय
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