रोबोटिक सर्जरी से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की खाई पाटने में मदद मिलेगी: विशेषज्ञ
गोला
- 18 Apr 2026, 12:34 PM
- Updated: 12:34 PM
(मनीष श्रीवास्तव)
भोपाल, 18 अप्रैल (भाषा) रोबोटिक चिकित्सा मामलों के एक विशेषज्ञ ने शनिवार को कहा कि रोबोटिक सर्जरी में प्रगति से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से सर्जिकल देखभाल का विकेंद्रीकरण करके भारतीय महानगरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवा की खाई को पाटने में मदद मिलेगी।
बेरिएट्रिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि इस प्रकार की उन्नत प्रक्रियाएं शहरी केंद्रों में केंद्रित हैं, लेकिन तीन समानांतर बदलाव अब उन्नत सर्जिकल देखभाल के विकेंद्रीकरण को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "रोबोटिक सर्जरी मौलिक रूप से यह बदलाव लाने के लिए तैयार है कि मेट्रो शहरों से परे उन्नत सर्जिकल देखभाल कैसे प्रदान की जाती है। परंपरागत रूप से उन्नत प्रक्रियाओं को तृतीयक शहरी केंद्रों में केंद्रित किया गया है, लेकिन तीन समानांतर बदलाव विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देंगे।"
डॉ. भंडारी ने दिल्ली में हाल ही में संपन्न ग्लोबल रोबोटिक सर्जरी सम्मेलन के तीसरे संस्करण के इतर यह बात कही।
उन्होंने कहा कि संपर्क और देरी में कमी में प्रगति के साथ, विशेषज्ञ सर्जन दूर से भी काम कर सकेंगे, जिससे जिला अस्पतालों में रोगी को उसी स्थान पर अत्याधुनिक देखभाल किया जा सकेगा।
स्ट्रासबर्ग (फ्रांस) से इंदौर तक दुनिया की पहली अंतरमहाद्वीपीय बेरिएट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. भंडारी ने कहा कि रोबोटिक प्लेटफॉर्म परिवर्तनशीलता को कम करते हैं, जिससे जटिल प्रक्रियाएं उभरते केंद्रों में भी सुरक्षित हो जाती हैं।
भारत में, विशेष रूप से अपने गृह राज्य, मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना का भी अनूठा लाभ है, जहां सर्जनों को रोबोटिक्स और न्यूनतम तकनीकों में तेजी से कुशल बनाया जा सकता है।
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, ''राज्य रोबोटिक सर्जरी के संबंध में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करता है और उसी के अनुसार उपकरण और मशीनें खरीदी हैं।"
उन्होंने कहा कि केंद्र से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उन्हें परामर्श और बजट के अनुसार लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में संस्थान के अनुरोध के आधार पर एक रोबोटिक मशीन स्थापित की जाएगी और रोबोटिक सर्जरी के लिए नेशनल कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की सीएसआर पहल के माध्यम से 30 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
शुक्ला ने स्वीकार किया कि दूर-दराज के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए रोबोटिक सर्जरी का भविष्य आशाजनक है, लेकिन इसे भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार लागू किया जाएगा।
डॉ. भंडारी, जिन्होंने इंदौर में स्थित एक 45 वर्षीय मरीज की गुरुग्राम से दूर से संचालित दुनिया की पहली रोबोटिक बेरिएट्रिक टेलीसर्जरी भी की, ने कहा कि दीर्घकालिक दृष्टि जरूरी नहीं है कि जिलों में तुरंत पूर्ण रोबोटिक सिस्टम स्थापित किया जाए, बल्कि 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल के रूप में इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में, मध्यप्रदेश में रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं अब भी सीमित हैं और बड़े पैमाने पर इंदौर जैसे प्रमुख शहरों और भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में केंद्रित हैं।
भाषा ब्रजेन्द्र गोला
गोला
1804 1234 भोपाल