भगोड़े की तरह छिप रहे हैं: न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा का पवन खेड़ा पर वार
पवनेश
- 17 Apr 2026, 04:48 PM
- Updated: 04:48 PM
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े एक मामले में संभावित दंडात्मक कार्रवाई से पवन खेड़ा को सुरक्षा प्रदान करने से शुक्रवार को इनकार करने और उन्हें राज्य (असम) की किसी सक्षम अदालत से राहत मांगने के लिए कहने के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर अपना हमला तेज कर दिया।
सत्ताधारी पार्टी ने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश ने खेड़ा द्वारा चलाए जा रहे "बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित" अभियान का पर्दाफाश किया है।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उन पर मनगढ़ंत सामग्री पर निर्भर रहने का आरोप लगाया।
पूनावाला ने एक वीडियो में आरोप लगाया, "पिछले कुछ दिनों में पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से दूसरा झटका लगा है...(खेड़ा द्वारा इस्तेमाल किए गए) वे दस्तावेज जाली, नकली, फोटोशॉप किए हुए और कृत्रिम बुद्धिमता द्वारा निर्मित निकले और आधे घंटे में ही पूरी सच्चाई सामने आ गई। फिर भी उन्होंने नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल जारी रखा। दरअसल, उन्होंने अदालत में जाली दस्तावेज भी पेश किए।"
उन्होंने कांग्रेस नेता पर शर्मा और उनके परिवार की "राजनीतिक हत्या" के उद्देश्य से "पाकिस्तान के इशारे पर" मनगढ़ंत सामग्री पर भरोसा करने का भी आरोप लगाया।
पूनावाला ने कहा, "खेड़ा ने हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी, जो असम की बेटी हैं, की राजनीतिक हत्या को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के इशारे पर इस्लामाबाद में दिए गए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।"
उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन प्राप्त था और उन्होंने विपक्षी दल के नेतृत्व पर असम और वहां के लोगों के प्रति नफरत पालने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया, "अब यह बात बिल्कुल स्पष्ट हो चुकी है कि यह सब असम के शत्रुतापूर्ण तत्वों के इशारे पर मुख्यमंत्री को हटाने के लिए उनके खिलाफ 'हिट-एंड-रन' अभियान चलाने के उद्देश्य से किया गया था। और राहुल गांधी ने इस अभियान का समर्थन किया। इसलिए, जाली दस्तावेज इस्लामाबाद से आए थे और राहुल गांधी द्वारा समर्थित और संरक्षित थे।"
उन्होंने कहा, "वे (कांग्रेस) 1960 के दशक में असम को छोड़ना चाहते थे। उन्होंने असम के लोगों को निशाना बनाया है। राहुल गांधी असमिया लोगों से नफरत करते हैं और अब उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके असम की बेटी और बेटे को भी निशाना बनाकर अपनी नफरत जाहिर की है।"
खेड़ा पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने कांग्रेस नेता के आचरण पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, "उन्होंने झूठ का जाल बुना है और अब भगोड़े की तरह छिपे हुए हैं.... खेड़ा बब्बर शेर नहीं बल्कि भीगी बिल्ली है।" यह बात उन्होंने गांधी द्वारा उनकी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बारे में दिए गए बयान के संदर्भ में कही।
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और उन्हें मामले में अग्रिम जमानत के लिए असम की सक्षम अदालत में याचिका दायर करने को कहा।
खेड़ा ने पांच अप्रैल को एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख शर्मा ने नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के लिए दाखिल अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया था। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया था।
उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें खेड़ा को इस मामले में एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी।
खेड़ा के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 175 (चुनाव से संबंधित झूठा बयान), धारा 35 (शरीर और संपत्ति की निजी रक्षा का अधिकार) और धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
भाषा
प्रशांत पवनेश
पवनेश
1704 1648 दिल्ली