सही मायने में समावेशी शासन लाने के लिए भाजपा को वोट दें: आदित्यनाथ ने बंगाल में चुनावी रैली में कहा
दिलीप
- 12 Apr 2026, 05:55 PM
- Updated: 05:55 PM
सोनामुखी (प. बंगाल), 12 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में तुष्टीकरण की नीति अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोगों से राज्य में ''डबल इंजन'' की सरकार के लिए मतदान करने की अपील की, ताकि वास्तव में एक समावेशी शासन व्यवस्था स्थापित हो सके।
बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल को स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस की भूमि के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने देश की आध्यात्मिकता को समृद्ध किया।
उन्होंने आरोप लगाया, ''लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार विश्व स्तर पर पूजनीय आध्यात्मिक प्रतीकों का अनादर करती है, जिससे राज्य की हिंदू पहचान को खतरा पैदा होता है।''
उन्होंने कहा, ''बंगाल अब 'गुंडागर्दी' का अड्डा बन गया है, जो उत्तर प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने से पहले आम बात थी। उत्तर प्रदेश में विकास और प्रगति की कमी थी, लेकिन अब बदलाव देखिए।''
आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तुष्टीकरण नहीं, बल्कि ''समावेशी हिंदू धर्म'' है, जहां हर समुदाय सुरक्षित वातावरण में शांतिपूर्वक रह सकता है।
उन्होंने कहा, ''हर महीने कर्फ्यू लगता था। लेकिन 2017 से, जब से उत्तर प्रदेश में भाजपा सत्ता में आई है, तब से न तो कर्फ्यू लगा है और न ही दंगे हुए हैं। सभी माफियाओं के साथ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाते हुए वही बर्ताव किया गया है, जिसके वे काबिल थे। अब उत्तर प्रदेश भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।''
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वंदे मातरम् ने भारतीयों में आध्यात्मिक जागृति पैदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के मूल्यों और आदर्शों का प्रचार-प्रसार हो और उनके योगदान को उचित तरीके से याद किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा बंगाल में सरकार बनाएगी और अत्याचार, बलात्कार और हत्याएं अतीत की बातें हो जाएंगी।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया, ''भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई और तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उनके हाथ काट दिए। इन गुंडों से उचित तरीके से निपटा जाएगा।''
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि वह ''पड़ोसी बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याओं पर चुप रहीं, जबकि भाजपा नेताओं ने ऐसे हमलों की निंदा करते हुए बयान जारी किए''।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया, ''वह इसलिए चुप रहीं, क्योंकि उन्हें बंगाल में अपना वोट बैंक खोने का डर है।''
आदित्यनाथ ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान घुसपैठ के कारण पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय परिवर्तन हुए।
उन्होंने कहा, ''भाजपा राज्य की पहचान की रक्षा करेगी और इसके समावेशी स्वरूप को बरकरार रखेगी।''
आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए बंगाल से कई 'कारसेवक' अयोध्या गए थे। उन्होंने कहा, ''विडंबना यह है कि तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने राम मंदिर आंदोलन का समर्थन नहीं किया। इससे उनका असली चेहरा उजागर हो गया है।''
राज्य के किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी कृषि उपज के लिए उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, ''बंगाल के किसानों को फसलों की कीमतें उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मिलने वाली राष्ट्रीय दर के बराबर मिलनी चाहिए।''
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल की स्थिति देखकर उन्हें दुख हुआ।
उन्होंने कहा, ''उत्तर प्रदेश में 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों लोगों को घर मिले हैं और हर जगह पीने का पानी उपलब्ध है। लेकिन बंगाल की स्थिति देखकर हमें दुख होता है। भाजपा के सत्ता में आने पर बंगाल में भी ऐसे ही विकास होंगे।''
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे चार मई को आएंगे।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप
1204 1755 सोनामुखी