कोषागार घोटाले में दो और गिरफ्तार, गबन की राशि बढ़कर 28 करोड़ रुपये हुई
पारुल
- 10 Apr 2026, 11:59 PM
- Updated: 11:59 PM
हजारीबाग, 10 अप्रैल (भाषा) झारखंड में हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में कोषागार घोटाले से जुड़े मामले में दो और महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। इसी के साथ मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या पांच हो गई है और गबन की राशि भी बढ़कर 28 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए तीन सिपाहियों शंभू सिंह, रजनीश सिंह और धीरेंद्र सिंह के अलावा दो महिलाओं शंभू की पत्नी काजल कुमारी और रजनीश की पत्नी खुशबू कुमारी को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि सभी पांचों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, "लगातार जांच के बाद गबन की राशि 15.41 करोड़ रुपये से बढ़कर 28 करोड़ रुपये हो गई।"
उपायुक्त ने बताया कि मामले की जांच के लिए हजारीबाग और बरही से टीम बिहार के गयाजी भेजी गई हैं।
उपायुक्त ने कहा, ''जांच के दौरान पता चला कि गयाजी निवासी शंभू कुमार करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक है। उसके पास हजारीबाग और गयाजी में करीब आठ करोड़ रुपये मूल्य की दो इमारतें हैं, जिनमें गयाजी स्थित चार मंजिला भवन भी शामिल है। जांच में यह भी पाया गया कि राशि का अधिकांश हिस्सा अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था।"
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनि अंजान ने संवाददाताओं से कहा कि घोटाले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हजारीबाग के उपायुक्त ने बृहस्पतिवार को कहा था कि ये गिरफ्तारियां राज्य वित्त विभाग द्वारा आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन की पहचान किए जाने के बाद की गईं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शुक्रवार को कोषागार से कथित अवैध निकासी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला नया नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल से जुड़ा है।
झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि उस समय पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण ऐसी गड़बड़ियां पनपीं।
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार "भ्रष्टाचार के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने" की नीति रखती है और जांच शुरू कर दी गई है।
इस बीच, झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने शुक्रवार को सरकारी कोषागार से कथित फर्जी वेतन निकासी के मामलों की राज्यव्यापी जांच के आदेश दिए।
उन्होंने गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर उन जिलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया, जहां लेखाकार और लिपिक (बिल) लंबे समय से तैनात हैं।
वित्त सचिव को भेजे एक अलग पत्र में मंत्री ने राज्यभर में वेतन मद के तहत की गई निकासी की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है।
भाषा
राखी पारुल
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1004 2359 हजारीबाग