अन्नाद्रमुक ने जहरीली शराब त्रासदी के खिलाफ की भूख हड़ताल, डीएमडीके ने दिया समर्थन
रवि कांत प्रशांत
- 27 Jun 2024, 09:55 PM
- Updated: 09:55 PM
(फोटो के साथ)
चेन्नई, 27 जून (भाषा) तमिलनाडु में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने कल्लाकुरिची जहरीली शराब त्रासदी की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को यहां भूख हड़ताल की।
देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) की प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने धरना स्थल एग्मोर शहर के मध्य में राजारथिनम स्टेडियम का दौरा कर विरोध प्रदर्शन के प्रति उनकी पार्टी का समर्थन व्यक्त किया।
इसके अलावा, अभिनेता-राजनेता सीमन के नेतृत्व वाली नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) ने अन्नाद्रमुक के अनशन को पूर्ण समर्थन दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि इससे सत्तारूढ़ द्रमुक से मुकाबला करने के लिए विपक्ष के बीच भविष्य में इसी तरह के सहयोग के रास्ते खुल गए हैं।
इसके अलावा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) सहित छोटे संगठनों ने अवैध शराब त्रासदी पर अन्नाद्रमुक के विरोध का समर्थन किया है।
जहरीली शराब त्रासदी में अब तक 63 लोगों की मौत हो चुकी है।
विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान डालने के आरोप में मौजूदा विधानसभा सत्र से निलंबित अन्नाद्रमुक विधायकों ने काली शर्ट पहनकर राजारथिनम स्टेडियम में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल शुरू की। विधानसभा का सत्र 29 जून को समाप्त होगा।
अन्नाद्रमुक ने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के इस्तीफे की मांग के अलावा, राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की 'अनुमति नहीं दिए जाने' की निंदा करने के लिए भी उपवास रखा।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और मंत्री के एन नेहरू ने कहा कि पलानीस्वामी ने कुछ वर्षों पहले राजमार्ग निविदा अनियमितताओं की सीबीआई जांच का निर्देश देने वाले उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत की सीबीआई जांच में भी बाधाएं पैदा की थीं। अब वह सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
नेहरू ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन के इस्तीफे की उनकी मांग ध्यान भटकाने की रणनीति है, क्योंकि वह लोगों का विश्वास खो चुके हैं और लगातार चुनावी हार का सामना कर रहे हैं।
तमिल मगन हुसैन, पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि, केपी मुनसामी, डिंडीगुल सी श्रीनिवासन, डी जयकुमार और अन्य सहित अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता इस भूख हड़ताल में शामिल हुए। हुसैन ने पलानीस्वामी को जूस पिलाया और भूख हड़ताल समाप्त की।
पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के इस्तीफे की मांग की और दोहराया कि जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने पूछा कि जब मौतों का आंकड़ा ‘60 के पार’ जा पहुंचा तो स्टालिन ने अब तक कल्लाकुरिची का दौरा क्यों नहीं किया। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे पर ईमानदारी से चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री की ‘अनिच्छा’ की भी आलोचना की।
अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में प्रेमलता विजयकांत ने सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि न्याय के लिए आबकारी मंत्री एस. मुथुसामी का इस्तीफा मांगा।
उन्होंने पुलिस पर अन्नाद्रमुक नेताओं को 'भाषण देने' (लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने) की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाते हुए 'दमन' की निंदा की है।
भाषा रवि कांत