किरण पहल ने महिलाओं की 400 मीटर में स्पर्धा में ओलंपिक कोटा हासिल किया
आनन्द नमिता
- 27 Jun 2024, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
पंचकुला (हरियाणा), 27 जून (भाषा) हरियाणा की किरण पहल ने गुरुवार को यहां राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में 50.92 सेकंड का समय निकालकर महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया।
महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में क्वालीफाइंग मार्क 50.95 सेकंड था जिससे किरण अगले महीने होने वाले ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने में सफल रही। यह इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ समय था और इसके साथ ही वह 51 सेकंड से कम समय में रेस पूरी करने वाली दूसरी भारतीय महिला भी बनीं।
वह गुजरात की देवी अनिबा जाला से आगे रहीं जिन्होंने 53.44 सेकंड के समय से दूसरा स्थान प्राप्त किया। केरल की स्नेहा के 53.51 सेकंड से तीसरे स्थान पर रहीं।
इससे पहले दिन में शुरुआती दौर की हीट में उन्होंने 52.33 सेकंड का समय निकाला था। उनका पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 51.84 सेकंड था जो उन्होंने 2022 में दर्ज किया था।
ओलंपिक टिकट पक्का करने के बाद किरण ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर पाऊंगी और उसकी तैयारी करूंगी। इससे बड़ी कोई उपलब्धि नहीं है।’’
किरण ने कहा, ‘‘ मैं शुरूआती हीट में थोड़े दबाव में थी क्योंकि मैं लगभग एक साल के बाद प्रतियोगिता में भाग ले रही हूं। मुझे पता था कि अगर मैं हीट में अच्छा प्रदर्शन करूंगी तो मेरे पास सेमीफाइनल में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका होगा। सेमीफाइनल में आपको बेहतर धावक मिलते हैं।’’
किरण से जब पूछा गया कि क्या वह शुक्रवार को होने वाले फाइनल में 50.79 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय को हासिल करने की कोशिश करेंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहती लेकिन मुझे लगता है कि मैं सेमीफाइनल की तुलना में फाइनल में तेज दौड़ सकती हूं।’’
महिलाओं की 400 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 2018 से हिमा दास के नाम पर है।
किरण राष्ट्रीय शिविर के बाहर रोहतक में प्रशिक्षण लेती है। मांसपेशियों में खिंचाव से पूरी तरह से नहीं उबरने के बावजूद उन्होंने साल की अपनी पहली प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। उन्होंने इससे पहले अक्टूबर 2023 में बेंगलुरु में राष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में भाग लिया था। वह उस स्पर्धा में निराशाजनक 56.03 सेकंड के साथ शुरुआती हीट में बाहर हो गयी थी।
हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर गांव की रहने वाली किरण को अपने करियर में काफी संघर्ष करना पड़ा क्योंकि उनका परिवार बेहद गरीब था।
उनके पिता ओम प्रकाश की लंबी बीमारी (फेफड़ों की समस्या) के बाद 2022 में मृत्यु हो गई थी। वह सोनीपत जिले की एक तहसील अदालत में मुंशी थे। उनकी मां माया देवी एक गृहिणी हैं।
उनके दिवंगत पिता ने पुरुष प्रधान समाज में सामाजिक अपमान के बावजूद उनके खेल के सपनों का पूरा समर्थन किया था और पत्रकारों से बात करते समय वह रो पड़ीं।
उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘‘ दो साल पहले मेरे पिता के निधन के बाद मेरा परिवार इस समय संघर्ष कर रहा है। आज का ओलंपिक क्वालीफिकेशन जीवन बदलने वाला क्षण है लेकिन ओलंपिक की तैयारियों में मेरी मदद करने के लिए मेरे पास कोई प्रायोजक नहीं है। मुझे वास्तव में मेरी सहायता के लिए एक प्रायोजक की आवश्यकता है।’’
शुक्रवार को फाइनल में किरण के सामने आंध्र प्रदेश की ज्योतिका श्री दांडी और तमिलनाडु की सुभा वेंकटेशन (दोनों शुरुआती हीट के बिना सीधे सेमीफाइनल में पहुंची) और हरियाणा की दीपांशी जैसी देश की शीर्ष 400 मीटर धावकों की चुनौती होगी।
पुरुषों की 400 मीटर में भी सभी शीर्ष धावक पदक के मुकाबले में जगह बनाने में सफल रहे। इनमें केरल के मोहम्मद अनस 45.76 सेकेंड के समय के साथ सेमीफाइनल में सबसे तेज रहे।
दिन की अन्य स्पर्धाओं में, अंकिता ने महिलाओं की 5000 मीटर की अंतिम दौड़ 16 मिनट 10.31 सेकंड में जीती, जबकि पुरुषों की इसी स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 34.67 सेकंड के अपने मीट रिकॉर्ड समय में सुधार करके स्वर्ण पदक जीता।
उनका प्रदर्शन हालांकि 13 मिनट 18.92 सेकंड के उनके राष्ट्रीय रिकॉर्ड से काफी नीचे था जो उन्होंने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका में हासिल किया था।
मंजू बाला ने तार गोला फेंक में 63.66 मीटर के साथ महिला वर्ग का स्वर्ण पदक जीता।
भाषा आनन्द