उप्र : सपा प्रमुख के खिलाफ पोस्टर लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग तेज हुई
रंजन
- 08 Apr 2026, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
अमेठी (उप्र), आठ अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग और पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
सपा के जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओ ने अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर पूरे प्रकरण को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में जगह-जगह सपा प्रमुख के खिलाफ लगाए गए पोस्टर पार्टी की छवि खराब करने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा हैं।
सपा नेताओं ने मांग की कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सपा जिलाध्यक्ष यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से बौखलायी भाजपा के लोगों ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के लिए शासन के इसारे पर अमेठी में जगह-जगह पोस्टर लगाये।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और पोस्टर लगाए जाने में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है चिन्हित कर लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आगाह किया कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और अगर जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो सपा जिले में विशाल धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
सपा के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ मंगलवार सात अप्रैल को अमेठी के विभिन्न चौराहों और अमेठी रेलवे स्टेशन परिसर में होर्डिंग और पोस्टर लगाये गये थे जिनमें फिल्म 'धुरंधर' के खलनायक रहमान डकैत के सलाम करते हुए अंदाज में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बनी तस्वीर छापी गयी थी।
'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक कथित संगठन द्वारा लगवाये गये पोस्टरों में लिखा था, ''आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम''
यहां 'ल्यारी' का संदर्भ पाकिस्तान के कराची शहर के उस इलाके से जोड़ा गया था जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' में भी इस इलाके का उल्लेख किया गया है।
होर्डिंग में एक ओर अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान हुई कथित हिंसा और दंगों का जिक्र किया गया था, वहीं दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ सरकार में माफिया और अपराधियों पर हुई कार्रवाई को दर्शाया गया है। इस होर्डिंग पर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक संगठन का नाम भी प्रमुखता से अंकित था, साथ ही संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री और प्रतापगढ़ प्रभारी के नाम व फोटो भी लगाए गए थे।
राजधानी लखनऊ में भी ऐसे पोस्टर नजर आये थे।
भाषा सं. सलीम मनीषा रंजन
रंजन
0804 1503 अमेठी