तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के साथ है भाजपा का 'गुप्त समझौता' : ममता बनर्जी
रंजन
- 06 Apr 2026, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
(तस्वीरों के साथ)
बेथुयाडहरी (पश्चिम बंगाल), छह अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कांग्रेस और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के साथ 'गुप्त समझौता' करने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को चुनाव पर्यवेक्षकों के रूप में तमिलनाडु भेजा गया है, जिससे प्रदेश में विकास कार्यों में बाधा आ रही है।
उन्होंने दावा किया कि वैसे तो पांच राज्यों में एक साथ चुनाव हो रहे हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में करीब 500 अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जबकि चुनाव वाले अन्य राज्यों में मुट्ठी भर अधिकारियों का ही तबादला किया गया है।
बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद वह भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता बनाने के लिए देशभर का दौरा करेंगी।
नदिया जिले में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल कैडर के कई अधिकारियों को तमिलनाडु में पर्यवेक्षक के रूप में भेजा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''आपकी (भाजपा की) कांग्रेस और स्टालिन के साथ गुप्त रूप से मिलीभगत होगी।''
उन्होंने दावा किया, "वे (भाजपा के नेता) पश्चिम बंगाल में अपने अधिकारियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त कर रहे हैं ताकि उनकी आवाजाही सुचारू हो सके।"
तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच है। एसपीए में कांग्रेस, डीएमडीके और वीसीके भी हैं। राज्य में राजग का अगुवा ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) है तथा भाजपा, पीएमके, एएमएमके और अन्य दल उसके अन्य सदस्य हैं।
बनर्जी ने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तृणमूल दिल्ली में भाजपा को निशाना बनाएगी और जरूरत पड़ने पर वह इसके लिए सभी दलों को साथ लेगी।
उन्होंने कहा,''विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मैं देशभर का दौरा करूंगी।''
तृणमूल प्रमुख ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले उस मतदाता सूची को रद्द कर दिया गया था जिसके आधार पर भाजपा 2024 में सत्ता में आई थी।
बनर्जी ने कहा, ''आपको (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) इस्तीफा देना चाहिए, गृह मंत्री को, पूरी सरकार को इस्तीफा देना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''ध्यान रखिए कि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो लोग आपको ऐसा करने पर मजबूर कर देंगे।''
बनर्जी ने आरोप लगाया कि अगर बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो वह मछली, मांस और अंडे के सेवन पर प्रतिबंध लगा देगी।
उन्होंने कहा, "मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण बंगाल में 250 लोगों की मौत हुई। इसकी जिम्मेदारी आपको (भाजपा) लेनी होगी। मैं निर्वाचन आयोग को दोष नहीं देती, वह सीबीआई और ईडी की तरह सिर्फ तोता है।"
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम की मदद से बिहार में हुए मतदान विभाजन से भाजपा को फायदा हुआ है।
उन्होंने मोथाबारी में न्यायिक अधिकारियों के घेराव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया,''हम किसी भी हमले का समर्थन नहीं करते, लेकिन जिस अधिकारी ने मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार करवाया है, उसे तमिलनाडु भेज दिया गया है।''
उन्होंने आईपीएस अधिकारी सुप्रतिम सरकार का हवाला दिया, जिन्हें पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में निरूद्ध शिविरों की अनुमति नहीं देगी । उन्होंने कहा, ''हम एनआरसी के माध्यम से बंगाल से लोगों को बाहर निकालने के किसी भी प्रयास को विफल कर देंगे।''
बनर्जी ने कहा कि वह आठ अप्रैल को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
पूर्वी बर्धमान जिले के समुद्रगढ़ में तृणमूल की रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी, ''भाजपा नेताओं ने एआई का इस्तेमाल करके सामूहिक रूप से मतदाताओं के नाम हटवाए हैं; इसका बदला लिया जाएगा।''
बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने राज्य में विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय निधि रोक दी है। उन्होंने कहा, ''ऐसे कदम से बंगाल में विकास कार्य नहीं रूकेंगे।''
उन्होंने कहा, ''मैं बंगाल की जनता से भाजपा को हराकर एसआईआर से संबंधित उत्पीड़न का बदला लेने का आह्वान करती हूं।''
नदिया जिले के शांतिपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, तृणमूल प्रमुख ने कहा कि पार्टी सभी त्योहार मनाती है, चाहे वह दुर्गा पूजा हो, काली पूजा हो, ईद हो या क्रिसमस।
उन्होंने कहा, ''लेकिन भाजपा धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्हें सबक सिखाइए।
तृणमूल प्रमुख ने कहा,''आपका (भाजपा का) धर्म लोगों को बांटना है, लेकिन मेरा धर्म एकता का है, आपका धर्म मतदान के अधिकार छीनना है जबकि मेरा धर्म उन्हें बहाल करना है।''
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन
0604 1959 बेथुयाडहरी