एफसीआरए पर यूडीएफ के खिलाफ आरोपों को लेकर वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
प्रशांत
- 05 Apr 2026, 11:53 PM
- Updated: 11:53 PM
तिरुवनंतपुरम, पांच अप्रैल (भाषा) कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनके उस बयान पर निराशा व्यक्त की, जिसमें उन्होंने यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) पर विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधनों के बारे में ''राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाने'' का आरोप लगाया था।
अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र से सांसद वेणुगोपाल ने कहा कि एक दिन पहले केरल में प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया बयान ''एक पूरे समुदाय के लिए बेहद समस्याग्रस्त और अपमानजनक'' है।
कांग्रेस महासचिव ने अपने पत्र में कहा, ''मैं अत्यंत पीड़ा और निराशा की भावना के साथ आपको पत्र लिख रहा हूं। केरल में आपका वह बयान एक पूरे समुदाय के लिए बेहद समस्याग्रस्त और अपमानजनक है जिसमें आपने यूडीएफ पर राजनीतिक लाभ के लिए एफसीआरए के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया।''
उन्होंने कहा, ''ऐसे पवित्र दिन पर इस तरह की टिप्पणी करना खास तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण था और इससे बचा जा सकता था।''
मोदी ने शनिवार को तिरुवल्ला में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक रैली में अपने भाषण के दौरान आरोप लगाया था कि यूडीएफ और एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) एफसीआरए और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गलत सूचना फैला रहे हैं। उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां यूसीसी कई दशकों से लागू है। उन्होंने साथ ही कहा था कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर भी पहले इसी तरह के दावे किए गए थे।
वेणुगोपाल ने कहा कि एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों में निहित ''दूरगामी प्रतिकूल परिणाम और खतरे'' ऐसे हैं कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, ''हम मांग करते हैं कि सरकार लोगों के सामने स्पष्ट प्रतिबद्धता जताए कि यह विधेयक या नेक इरादे वाले सामाजिक और सामुदायिक संगठनों पर हमला करने की ऐसी कोई भी पहल, फिर कभी सामने नहीं आएगी।''
कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि अगर संशोधन विधेयक सद्भावना के साथ लाया गया था तो सरकार ने उसे वापस क्यों लिया? उन्होंने कहा, ''क्या यह दोषी मन का सबसे स्पष्ट प्रमाण नहीं है?''
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा 25 मार्च को लोकसभा में पेश किए गए एफसीआरए संशोधन विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी निधियों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के खिलाफ उनके दुरुपयोग को रोकना है।
हालांकि विधेयक को बुधवार को लोकसभा के एजेंडे में विचार के लिए सूचीबद्ध किया गया था लेकिन इस पर चर्चा नहीं हुई।
भाषा
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