भाजपा ने संसद में 'जन विश्वास विधेयक' पारित होने का स्वागत किया
अविनाश
- 03 Apr 2026, 07:38 PM
- Updated: 07:38 PM
नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) भाजपा ने संसद में 'जन विश्वास विधेयक, 2026' के पारित होने का शुक्रवार को स्वागत किया तथा इसे भारत में जीवन सुगमता एवं व्यापार सुगमता को बढ़ाने की दिशा में एक ''निर्णायक'', ''सार्थक'' और ''बड़ा कदम'' बताया।
संसद ने बृहस्पतिवार को 'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026' पारित कर दिया। इस विधेयक के तहत 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जिसका उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना एवं उन्हें तर्कसंगत बनाना है, ताकि कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाया जा सके तथा लोगों को होने वाली परेशानी को रोका जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार देर रात 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि संसद में जन विश्वास विधेयक का पारित होना भारत के लिए जीवन और व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में एक ''बड़ा कदम'' है।
उन्होंने कहा, ''कई कानूनी प्रावधानों में कटौती करके, यह विधेयक प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के सपने को साकार करता है और सभी के लिए जीवन को आसान एवं व्यापार को सरल बनाता है।''
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि 'जन विश्वास विधेयक, 2026' का पारित होना देश में 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार करने की सुगमता' को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सुधार और सरलीकरण पर स्पष्ट रूप से ज़ोर दिया गया है।
नवीन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पुराने पड़ चुके कानूनी प्रावधानों को हटाकर और अनुपालन के बोझ को कम करके, यह एक ऐसे शासन मॉडल को दर्शाता है जो विश्वास और दक्षता पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में, यह पहल एक 'नए भारत' की परिकल्पना को सुदृढ़ करती है-एक ऐसा भारत जहाँ नागरिक सशक्त हों, व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलता हो, और व्यवस्थाएँ अधिक सरल, तीव्र तथा प्रभावी हों।''
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह विधेयक विश्वास-आधारित शासन का एक ''नया युग'' लाएगा और एक मील का पत्थर साबित होगा।
मंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जन विश्वास विधेयक, 2026 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार करने की सुगमता' को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों में एक मील का पत्थर है। नियमों के पालन का बोझ कम होने से नागरिकों, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों), छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप को लाभ होगा, जिससे एक अधिक अनुकूल और पारदर्शी माहौल बनेगा।''
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि इससे नागरिकों, एमएसएमई, स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जन विश्वास विधेयक 2026 मील का पत्थर साबित होने वाला सुधार है, जो अनुपालन के बोझ को कम करता है और एक अधिक पारदर्शी तथा अनुकूल माहौल को बढ़ावा देता है।''
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, 'जन विश्वास विधेयक, 2026' सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल के रूप में उभर रहा है।''
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि यह ''जन-केंद्रित'' विधेयक न केवल अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को सरल बनाता है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में भी एक कदम है, जिससे नागरिकों तथा उद्यमियों के बीच विश्वास मज़बूत होता है।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने भी कहा कि इससे ''ऐतिहासिक सुधार'' आएगा और पूरे देश में जीवन की सुगमता तथा व्यापार करने की सुगमता को बढ़ावा मिलेगा।
बलूनी ने कहा कि यह केवल एक नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि एक अधिक ''जवाबदेह और कारोबार-अनुकूल भारत'' की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश
0304 1938 दिल्ली