संविधान खतरे में है, सपा ग्राम स्तर पर आंबेडकर जयंती मनाएगी: अखिलेश यादव
धीरज
- 03 Apr 2026, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
लखनऊ, तीन अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि संविधान खतरे में है और संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाएगी।
यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)पर आरोप लगाया कि वह घरेलू मुद्दों की एक पूरी शृंखला के लिए ईरान-इजराइल संघर्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे अपनी नीतियों की विफलता को छिपाने की एक कोशिश हैं।
सपा प्रमुख ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी ने 14 अप्रैल को ग्राम स्तर पर संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाने का फैसला किया है, जहां 'संविधान के सामने मौजूद संकट' पर चर्चा की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''यह 'अमृत काल' नहीं है, बल्कि संकट काल है। संविधान के लिए खतरा है और हम इस चर्चा को गांवों तक ले जाएंगे।''
यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संविधान के अनुसार काम नहीं करते बल्कि ''मानव-विधान" (मनमाना शासन) का पालन करते हैं। उन्होंने टिप्पणी की, ''हम लोकतंत्र चाहते हैं, वो एक-तंत्र चाहते हैं।''
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया,''हम लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं जो इसे कमजोर कर दे। संविधान हमारा रक्षक और हमारी नींव है और संस्थानों के माध्यम से इस नींव को हिलाने और कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।''
अपनी पार्टी की वैचारिक जड़ों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान, समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया द्वारा दिखाए गए रास्ते और "नेताजी" (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) की विरासत का अनुसरण करती है।
उन्होंने कहा कि सपा का उद्देश्य समाजवादी व्यवस्था की दिशा में काम करके समाज को विकास की एक नई दिशा प्रदान करना है।
यादव ने भाजपा पर ''सौदागर'' (व्यापारियों) की तरह काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का ध्यान संपत्ति बेचने, मुनाफा कमाने और निजीकरण पर है, जिससे भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी के साथ-साथ महंगाई भी बढ़ रही है।
यादव ने कहा कि निवेश के बड़े-बड़े दावों के बावजूद सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कितना निवेश आया है या कितनी नौकरियां सृजित हुई हैं।
उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि शिक्षित युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं।
यादव ने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों) के बीच एकता का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने और राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए बूथ स्तर पर काम करेगी।
उन्होंने दावा किया कि विभिन्न संगठनों के सामूहिक प्रयासों के कारण 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
यादव ने विश्वास जताया कि इसी तरह की लामबंदी से उनकी पार्टी को सत्ता में लौटने और उत्तर प्रदेश में विकास को गति देने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है और शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र भी बदहाली का शिकार हैं। उन्होंने कहा, ''स्वास्थ्य विभाग 'वेंटिलेटर' पर है और इस सरकार में कानून की हत्या हो गई है।"
सपा प्रमुख ने साथ ही कहा कि उनकी पार्टी प्रगतिशील और सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के सदस्यों से समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और मिलकर भाजपा का मुकाबला करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना, यादव ने उनकी हालिया जापान यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन में सफर करने के बावजूद, "उससे कुछ भी नहीं सीखा गया।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्राथमिक शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत नहीं कर रही है और स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार नहीं चाहती कि लोग शिक्षित हों और उससे सवाल करें।
उन्होंने कहा, ''वे लोगों को अंधविश्वास और विवादों की ओर धकेलना चाहते हैं और एक पिछड़ी सोच को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसीलिए शिक्षा को बर्बाद कर दिया गया है।''
केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया से जुड़े नियमों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो वह लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखेगी और सभी के लिए स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा, ''जो लोग 'एक-तंत्र' और 'मन-विधान' में विश्वास रखते हैं, वे सोशल मीडिया का समर्थन नहीं कर सकते। ऐसे लोग अपने ऊपर सवाल उठाए जाना स्वीकार नहीं करते।"
असम चुनावों के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा "घुसपैठियों" पर की गई टिप्पणियों से जुड़े एक अन्य सवाल पर, यादव ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कितने घुसपैठियों की पहचान की गई है।
किसी का नाम लिए बिना यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश में कौन है घुसपैठिया, उन्हें बाहर निकालना है।" यादव ने लखनऊ में हाल ही में शुरू की गई 'ग्रीन कॉरिडोर' सड़क परियोजना के डिज़ाइन की भी कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि इसकी योजना ठीक से नहीं बनाई गई थी, जिससे जनता को असुविधा हो रही है।
सपा प्रमुख ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा घरेलू मुद्दों की एक पूरी शृंखला के लिए ईरान-इजराइल संघर्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे अपनी नीतियों की विफलता को छिपाने की एक कोशिश हैं।
यादव ने कानपुर के उद्योगों पर पश्चिम एशिया की स्थिति के प्रभाव से जुड़े सवाल पर कहा कि ''उद्योगों की मौजूदा हालत की ज़िम्मेदारी भाजपा सरकार की है। ये लोग अब तो यह भी कह सकते हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से गंगा साफ नहीं हो पा रही है।"
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों से ध्यान भटका रही है और ऐसे मामले उठा रही है जिनका इन मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है।
उर्वरकों की कमी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले भी किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और उर्वरक उपलब्ध नहीं होते थे और "अब इस तरह की कमी के लिए ईरान-इजराइल संघर्ष को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।''
भाषा किशोर जफर आनन्द
धीरज
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0304 2020 लखनऊ