युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए धर्मगुरुओं-कथावाचकों की मदद लेगी जयपुर पुलिस
जितेंद्र
- 01 Apr 2026, 10:56 PM
- Updated: 10:56 PM
(अविनाश बाकोलिया)
जयपुर, एक अप्रैल (भाषा) राजस्थान को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'एंटी वेनम' अभियान के पहले चरण में मादक पदार्थ तस्करों पर सख्ती के बाद अब जयपुर रेंज पुलिस युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए धर्मगुरुओं, कथावाचकों की मदद लेगी।
जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि धर्मगुरु, कथावाचक और समाज में प्रभाव रखने वाले धार्मिक लोग युवाओं को धर्म से जोड़ते हुए उन्हें नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंनें बताया कि 'एंटी वेनम' अभियान का दूसरा चरण बुधवार से शुरू हो गया है जिसमें धर्मगुरु-कथावाचक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रकाश ने बताया कि इसके लिए शहर के धर्मगुरुओं और कथावाचकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा रहा है, ताकि वे अपने प्रवचनों के जरिये युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा, "धार्मिक प्रभाव के जरिए युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। धर्मगुरु समाज में आदर्श माने जाते हैं। उनके प्रवचन, कथाएं और धार्मिक आयोजनों से लोग गहराई से जुड़ते हैं। यही वजह है कि पुलिस अब इनकी मदद लेगी।"
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग संस्थानों, छात्रावासों, पीजी संचालकों से भी इस अभियान में जुड़ने को कहा जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्था प्रधानों से समन्वय स्थापित करके नशामुक्ति केंद्र खोलने के लिए जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया जाएगा।
राहुल प्रकाश ने बताया कि शुरुआत में सीकर जिला शिक्षा का केंद्र होने के कारण वहां के शैक्षणिक संस्थानों को नशामुक्ति केंद्र खोलने के लिए कहा जाएगा।
पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि अभियान का पहला चरण 15 से 31 मार्च तक था।
उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में सीकर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनू और खैरथल-भिवाड़ी जिलों की पुलिस ने मिलकर मादक पदार्थ से संबंधित 229 मुकदमें दर्ज किए और लगभग 235 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से करीब दो करोड़ रुपए का मादक पदार्थ बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण का यह फायदा हुआ कि पुलिस के पास मादक पदार्थों के काम से जुड़े लोगों का डाटा उपलब्ध है।
अधिकारी ने बताया कि अब इस डाटा से द्वितीय चरण में मादक पदार्थों के तस्करों की धरपकड़ की जाएगी और उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
पुलिस महानिरीक्षक ने बतया कि पहले चरण में नशे के आदी युवाओं को चिन्हित किया गया था और ऐसे युवाओं के माता-पिता को उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए थे।
अधिकारी ने बताया कि अगर परिजनों ने अब तक नशे के आदि अपने बच्चों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती नहीं कराया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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