बीजू पटनायक का कभी अपमान नहीं किया: निशिकांत दुबे
वैभव
- 30 Mar 2026, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर अपनी एक टिप्पणी पर घिरने के बाद सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान नहीं किया, बल्कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं।
दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान बीजू पटनायक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) सीआईए के बीच की कड़ी थे।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पटनायक की देशभक्ति पर कभी सवाल नहीं उठाया जा सकता तथा उन पर इस तरह के हमले अशोभनीय, अज्ञानतापूर्ण और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
दुबे की टिप्पणियों की निंदा करते हुए, बीजद अध्यक्ष और बीजू पटनायक के पुत्र नवीन पटनायक ने कहा, "मुझे लगता है कि भाजपा सांसद को इस तरह की अपमानजनक बातें कहने के लिए किसी मानसिक चिकित्सक की आवश्यकता है।"
दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''बीजू पटनायक के प्रति सम्मान में कभी कोई कमी नहीं रही। जब कांग्रेस ने बीजू बाबू के साथ अन्याय किया था, उस वक्त जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी ही उनके साथ खड़ी रही थी। मैंने उस दिन जो कहा था उसे मैं आज फिर से दोहराता हूं, वह यह है कि मैं नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस की करतूतों को उजागर करने वाली एक सतत श्रृंखला चला रहा हूं।"
उन्होंने कहा, "मैंने बीजू बाबू पर क्या आरोप लगाया?...मैं नेहरू परिवार की करतूतों के बारे में बोल रहा था और मैंने बस इतना ही कहा। अगर इससे किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं केवल उन्हें अपनी बात समझाने की कोशिश कर सकता हूं।''
दुबे ने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या लोगों को क्षेत्र और जाति के चश्मे से देखने की प्रवृत्ति है और ऐसे में महान हस्तियों को भी संकीर्ण पहचान तक सीमित कर दिया गया है।
बीजू जनता दल (बीजद) ने दुबे की पटनायक के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया।
बीजद नेता सस्मित पात्रा ने ''बीजू पटनायक के खिलाफ सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए अपमानजनक, झूठे और मनगढ़ंत बयानों के खिलाफ कड़ा विरोध'' दर्ज कराते हुए संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया। दुबे इस समिति के प्रमुख हैं।
इस बीच ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता पांडा ने कहा, "बीजू अंकल एक महान व्यक्तित्व थे, न केवल अपने समय में ओडिशा के सबसे बड़े नेता थे, बल्कि राष्ट्र के अग्रणी व्यक्तियों में से एक थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आधुनिक भारत के महानतम देशभक्तों में से एक थे।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "राष्ट्रीय गौरव उनकी रगों में गहराई से बसा हुआ था और उन्होंने अपना जीवन भारत को आजाद कराने और ओडिशा के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने यह कार्य एक पायलट, उद्योगपति, नेता और वैश्विक संकटमोचक के रूप में किया।"
पांडा ने दुबे का नाम लिए बिना कहा, "उनकी देशभक्ति पर लांछन लगाना निराधार और सरासर हास्यास्पद है। उन पर इस तरह के हमले अशोभनीय, अज्ञानतापूर्ण और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।"
भाषा हक वैभव
वैभव
3003 1959 दिल्ली