कांग्रेस सरकारें वोटबैंक को देखकर केंद्रीय बलों की तैनाती करती थीं : सुधांशु त्रिवेदी
सुभाष
- 30 Mar 2026, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भाजपा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसकी सरकारें अपने कार्यकाल के दौरान वोटबैंक को ध्यान में रखकर केंद्रीय बलों की तैनाती करती थी।
उच्च सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि 1990 के दशक तक चुनावों में धांधली होती थी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से सुचारू चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाने लगी। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उसके बाद ही चुनाव में कांग्रेस की हार होने लगी।
त्रिवेदी ने कहा कि केंद्रीय बलों के कर्मियों के मनोबल पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारें राजनीतिक आधार पर बलों का दुरुपयोग करती थीं और वोट बैंक को ध्यान में रखकर इन बलों की तैनाती की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारें अपने कार्यकाल के दौरान केंद्रीय बलों को लेकर भी राजनीति करती थी और उसने कई ऐसे कदम उठाए जिससे केंद्रीय बलों के कर्मियों का मनोबल गिरा।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सीमा पर बाड़ नहीं होने के कारण घुसपैठ को रोक पाना मुश्किल हो रहा है।
त्रिवेदी ने विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि मोदी सरकार सीएपीएफ के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है और प्रस्तावित विधेयक के तहत पदोन्नति की स्थापित व्यवस्था को इस प्रकार पारदर्शी बनाया गया है कि कोई भ्रम न हो और कानूनी मुद्दों से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि अब सहायक कमांडेंट स्तर के कर्मी डीआईजी स्तर तक पहुंच सकेंगे, 50 प्रतिशत आईजी स्तर तक और एक तिहाई कर्मी अतिरिक्त महानिदेशक स्तर तक पहुंच सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों के कर्मियों की संख्या 11 लाख तक है जिनमें राजपत्रित अधिकारी केवल 1 से 1.5 प्रतिशत हैं और उनमें भी आईपीएस अधिकारी 1 से 1.5 प्रतिशत ही हैं। इसलिए, यह विधेयक केवल 0.10 से 0.15 प्रतिशत कर्मियों के पदों को प्रभावित कर रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि इसलिए, यह कहना कि इससे 11 लाख कर्मियों के मनोबल पर असर पड़ेगा, तार्किक रूप से उचित नहीं लगता।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने कहा कि संप्रग सरकार के दौरान, संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को उच्चतम न्यायालय ने मृत्युदंड दिया था, लेकिन उसकी दया याचिका सात साल तक लंबित रही। उन्होंने विधेयक से जुड़ी विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए सवाल किया, "क्या उस समय मनोबल पर असर नहीं पड़ा था, जब सीएपीएफ कर्मियों ने अपने पदक तक लौटा दिए थे?"
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार केंद्रीय बलों के कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन बलों को देश की सुरक्षा में मुख्य पंक्ति बताया और कहा कि इस सरकार ने उनका मनोबल बढ़ाने के साथ ही उनके कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं।
त्रिवेदी ने कहा कि इन बलों में कर्मियों को प्रोन्नति के भी अवसर मिलते हैं और इस विधेयक के जरिए प्रोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
भाजपा नेता ने विपक्षी दलों के सदस्यों से सवाल किया कि क्या विपक्ष शासित किसी राज्य में पुलिस महानिदेशक पद पर किसी गैर आईपीएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा यह विधेयक किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि इसमें समन्वय पर जोर दिया गया है।
भाषा अविनाश सुभाष
सुभाष
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