दिल्ली के जल मंत्री ने डीजेबी की ग्रीष्मकालीन योजना शुरू की
रंजन
- 30 Mar 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को डीजेबी की वार्षिक 'ग्रीष्मकालीन कार्ययोजना' शुरू की, जिसमें जल वितरण प्रणाली में सुधार, एआई एकीकरण और दीर्घकालिक योजना पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
सिंह ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने इस गर्मी के मौसम में जल की कमी वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाने और अतिरिक्त ट्यूबवेल के माध्यम से जल उत्पादन बढ़ाने के लिए 1,221 पानी के टैंकर तैनात किए हैं। सभी टैंकर की जीपीएस के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''चुनौतियों के बावजूद हम दिल्ली की बढ़ती आबादी को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं। हमारे जल स्रोत सीमित हैं और बोरवेल के लिए नए क्षेत्र स्थापित करने में कई बाधाएं हैं।''
गर्मी के मौसम में शहर में पानी की मांग चरम पर पहुंच जाती है; इसके लिए दिल्ली सरकार अपनी ग्रीष्मकालीन कार्य योजना लेकर आती है। इसके तहत इस वर्ष प्रतिदिन 1002 मिलियन गैलन पानी उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के अनुसार, जल आपूर्ति बढ़ाने के लिए डीजेबी जल्द ही विभिन्न स्थानों पर 436 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाएगा, जिसके बाद लगभग 6290 ट्यूबवेल चालू हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 500 वाटर एटीएम भी लगाए जाएंगे, जिनसे पीने का पानी उपलब्ध होगा।
वर्तमान में डीजेबी के पास नौ जल शोधन संयंत्र हैं, जो मुख्य रूप से यमुना नदी से प्राप्त कच्चे पानी का शोधन करके शहर के लाखों निवासियों को पानी की आपूर्ति करते हैं। हालांकि, कच्चे पानी में उच्च स्तर के प्रदूषण के कारण यह आपूर्ति कभी-कभी बाधित हो जाती है।
जल मंत्री ने कहा कि पानी उपलब्ध कराना 'पुण्य' का काम है और पानी के टैंकर की व्यवस्था मौजूदा समस्याओं के समाधान तक केवल एक अस्थायी समाधान है।
योजना में कहा गया, "पानी की आपूर्ति में रुकावट से बचने के लिए अमोनिया के स्तर सहित कच्चे पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी। डीजेबी दक्षता बढ़ाने के लिए पुराने पंप, मोटर और विद्युत-यांत्रिक प्रणालियों के उन्नयन का कार्य भी कर रहा है।"
उन्होंने कहा, ''हम अगले 50 वर्षों के लिए योजना बना रहे हैं। जल प्रबंधन के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए टैंकरों में जीपीएस लगाया गया है। अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में दिल्ली में 20 लाख फ्लैट और जुड़ेंगे; हम योजना बनाते समय इसे ध्यान में रख रहे हैं।''
सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण के माध्यम से डिजिटलीकरण शुरू हो गया है और डीजेबी ने परियोजनाओं पर काम कर रहे आईआईटी-कानपुर के साथ साझेदारी की है।
जल मंत्री ने यह भी कहा कि अगले दो वर्षों में डीजेबी चंद्रावल जल शोधन संयंत्र उन्नयन परियोजना को पूरा कर लेगा, जिससे कम से कम 10 विधानसभा क्षेत्रों में जल प्रबंधन प्रणाली की समस्या का समाधान हो जाएगा और अन्य क्षेत्रों को भी इसी तरह विकसित किया जाएगा।
भाषा
शुभम रंजन
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