जगन्नाथ मंदिर के 'रत्न भंडार' की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता : सुदर्शन पटनायक
रवि कांत रवि कांत पवनेश
- 26 Jun 2024, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
भुवनेश्वर, 26 जून (भाषा) प्रसिद्ध रेत-कलाकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर के 'रत्न भंडार' के भीतर तत्काल मरम्मत कार्य कराने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पटनायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक तकनीकी समिति ने 2018 में आंतरिक रत्न भंडार कक्ष का निरीक्षण किया था तथा दीवारों, छत और तहखाने में कई संरचनात्मक क्षति पाई थी, तथा तत्काल मरम्मत की सिफारिश की थी।
उन्होंने 25 जून को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘छह साल बीत जाने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, इसलिए अब तक नुकसान और भी बढ़ गया होगा। फरवरी 2024 में की गई लेजर स्कैनिंग में रत्न भंडार के बाहरी हिस्से में दरारें भी पाई गई हैं।’’
पटनायक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य के मुख्यमंत्री से कहा कि वे एएसआई को मंदिर के आंतरिक रत्न भंडार की मरम्मत और रखरखाव का काम तुरंत शुरू करने का निर्देश दें, क्योंकि आगामी मानसून के कारण और अधिक नुकसान हो सकता है तथा पूरे मंदिर ढांचे को खतरा हो सकता है।
पटनायक 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर की प्रबंधन समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि समिति की बैठकों में उन्होंने पहले ही यह मामला उठाया है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के रत्न भंडार का उद्घाटन और मरम्मत एक भावनात्मक मुद्दा रहा है।
रेत-कलाकार सुदर्शन पटनायक ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘ रत्न भंडार की
आवश्यक मरम्मत के काम में पहले ही छह साल की देरी हो चुकी है। इस पर काम जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि और नुकसान न हो। ’’
रत्न भंडार में एक बाहरी कक्ष है जिसमें देवताओं - जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र - के दैनिक आभूषण रखे जाते हैं, तथा इसके अलावा एक आंतरिक कक्ष है।
ओडिशा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गुम हुई चाबी की जांच में तेजी लाएगी।
भाजपा ने इसके अलावा कहा था कि वह रत्न भंडार की सूची की ऑडिट प्रक्रिया को बहाल करने और रिपोर्ट प्रकाशित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार खोलने का भी काम करेगी।
पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार 13 जून को श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोल दिए गए। बीजू जनता दल की पूर्ववर्ती सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण मंदिर के तीन द्वार बंद कर दिए थे।
भाषा
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