सीबीआई ने आरकॉम ऋण 'धोखाधड़ी' मामले में अनिल अंबानी से सात घंटे पूछताछ की
माधव
- 20 Mar 2026, 09:35 PM
- Updated: 09:35 PM
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) और अनिल अंबानी के खिलाफ दर्ज 2,929 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले के संबंध में शुक्रवार को उद्योगपति से सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लगातार दूसरे दिन, अनिल अंबानी सुबह करीब 10 बजे एजेंसी के मुख्यालय पहुंचे और शाम करीब 5.15 बजे कार्यालय से रवाना हुए।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक द्वारा कंपनी को जारी की गई ऋण निधि में धन के कथित हेरफेर, गबन और अन्य अनियमितताओं के संबंध में पूछताछ की और कई दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी मांगी।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''19 मार्च, 2026 को पूछताछ अधूरी रह जाने के कारण उन्हें 20 मार्च, 2026 यानी आज सीबीआई कार्यालय में फिर से पेश होने के लिए बुलाया गया था। आरोपी अनिल डी अंबानी आज सीबीआई मुख्यालय में जांच अधिकारी के सामने आगे की पूछताछ के लिए फिर से पेश हुए और उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई।''
प्रवक्ता ने कहा कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े ऋण चूक और धोखाधड़ी के एक अलग मामले में, सीबीआई ने शुक्रवार को ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से संबंधित पूर्णकालिक निदेशक दिवी डांगी से पूछताछ की, जिसने जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों - रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड - की संपत्तियों का अधिग्रहण किया है।
इस मामले में 57.47 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है, जिसमें सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को धोखा देने के आरोप में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, देवांग प्रवीण, रविंद्र सोमयाजुला राव और लोकसेवकों सहित अन्य अज्ञात संस्थाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अंबानी के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा था, ''इस पेशी से अंबानी की यह प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है कि वह इस मामले में सभी एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करेंगे।''
कल भी इस मामले के सिलसिले में जांच एजेंसी ने उद्योगपति से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से 2,929 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल अगस्त में अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एसबीआई की शिकायत के अनुसार, कंपनी पर विभिन्न ऋणदाताओं का 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया था, जिसमें अकेले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को 2018 के आंकड़ों के अनुसार 2,929 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
यह शिकायत अब प्राथमिकी का हिस्सा है।
सीबीआई ने अंबानी और 'आरकॉम' के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप में मामला दर्ज किया है।
जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने पिछले साल अगस्त में एक बयान में कहा था, ''आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के पक्ष में एसबीआई से ऋण सुविधाएं स्वीकृत कराने के लिए गलत जानकारी दी।''
अंबानी के प्रवक्ता ने कहा, ''अनिल अंबानी सभी आरोपों का खंडन करते हैं और अपना बचाव स्वयं करेंगे।''
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने मुंबई के कफ परेड स्थित अंबानी के आवास 'सी विंड' की भी तलाशी ली।
अंबानी के प्रवक्ता के अनुसार, एसबीआई द्वारा दायर की गई शिकायत 10 साल से अधिक पुराने मामलों से संबंधित है।
प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि अंबानी उस वक्त कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे और कंपनी के दैनिक प्रबंधन में उनकी कोई भागीदारी नहीं थी।
इसमें कहा गया, ''यह मामला पिछले छह वर्षों से राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) और उच्चतम न्यायालय सहित अन्य न्यायिक मंचों के समक्ष विचाराधीन है।''
बयान में कहा गया कि अनिल अंबानी ने एसबीआई की घोषणा को सक्षम न्यायिक मंच के समक्ष विधिवत चुनौती दी है।
भाषा
नेत्रपाल माधव
माधव
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