प्रीमियम पेट्रोल दो रुपये, औद्योगिक डीजल 22 रुपये लीटर महंगा
रमण
- 20 Mar 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) प्रीमियम यानी उच्च श्रेणी के पेट्रोल की कीमत में शुक्रवार को दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जबकि औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को बेचे जाने वाला थोक डीजल लगभग 22 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आए उछाल के बीच हुई है।
हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
उद्योग जगत के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 101.89 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही, दिल्ली में थोक या औद्योगिक डीजल की कीमतें 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 109.59 रुपये कर दी गई हैं।
वाणिज्यिक डीजल का उपयोग बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूरसंचार टावरों जैसे प्रतिष्ठान करते हैं।
मुंबई में औद्योगिक डीजल की कीमत 90.39 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 113.11 रुपये प्रति लीटर कर दी गई हैं। कोलकाता में 92.30 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 114.27 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 92.54 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 113.38 रुपये प्रति लीटर की गई है।
ईरान युद्ध तेज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें बृहस्पतिवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। दिल्ली में एक लीटर सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये बनी हुई है, जबकि इसी श्रेणी का डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
सामान्य पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग आमतौर पर 91-92 होती है और यह मानक इंजनों के लिए उपयुक्त है। यह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सही है। दूसरी ओर, प्रीमियम पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 95-98 होती है, जो इसे अधिक बेहतर इंजनों के लिए आदर्श बनाती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ''प्रीमियम श्रेणी में कुछ वृद्धि की सूचना मिली है, जो (देश में बेचे जाने वाले) कुल पेट्रोल का मुश्किल से दो से चार प्रतिशत हिस्सा है। आम आदमी के लिए कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।''
अधिकारी ने कहा कि मूल्य निर्धारण का फैसला तेल कंपनियां स्वतंत्र रूप से करती हैं, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के मूल्य निर्धारण को क्रमशः 2010 और 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था।
उन्होंने कहा, ''यह (मूल्य निर्धारण) तेल विपणन कंपनियां करती हैं। सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को विनियमित नहीं करती है।''
सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर बारीकी से नजर रख रही है, लेकिन खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है। तेल विपणन कंपनियों से फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को खुद वहन करने की उम्मीद है।
उन्होंने आगे कहा, ''हमारी प्राथमिकता सभी उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपलब्ध कराना है, जो हम इस पूरे संकट के दौरान कर रहे हैं। अब तक हमने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं।''
इसबीच इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, ''जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, घरेलू स्थिरता पहले से कहीं अधिक मायने रखती है।''
आईओसी ने कहा, ''इंडियन ऑयल ने अंतरराष्ट्रीय लागत बढ़ने के बावजूद भारत में आम वाहन ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है। एक सीमित संशोधन केवल प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी-95 पर लागू होता है, जिसका कुल खपत पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। बदलती वैश्विक स्थितियों के बीच, कंपनी निरंतर आपूर्ति, जिम्मेदार मूल्य निर्धारण और सेवा पर जोर दे रही है।''
खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
2003 2056 दिल्ली