राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या में राम मंदिर गईं, स्वर्ण जड़ित श्री राम यंत्र की स्थापना की
जितेंद्र
- 19 Mar 2026, 03:24 PM
- Updated: 03:24 PM
अयोध्या (उप्र), 19 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या पहुंचीं और यहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
उनका अयोध्या आगमन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा।
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अडडे पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
एक बयान के मुताबिक, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उन्हें 'नगर की चाबी' भेंट की।
यह सम्मान अतिथि को नगर की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च प्रतीकात्मक सम्मान माना जाता है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या का यह दूसरा दौरा है।
अयोध्या हवाई अडडे से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला रवाना हुआ, पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा दृश्य देखने को मिला।
सड़क के दोनों ओर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए गए थे, जहां लगभग 250 कलाकारों ने रामायण आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
भारतीय वेशभूषा में कलाकारों ने स्वागत गीत, भजन, अवधी-भोजपुरी लोकगायन-लोकनृत्य समेत भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रमों के जरिए मन मोह लिया।
अयोध्यावासियों ने भी सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प वर्षा, जयकारों संग देश की प्रथम नागरिक का गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने भी अयोध्यावासियों का अभिवादन किया।
कार्यक्रम को और भव्य बनाने के लिए रामलीला के अंश, झांकियां, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन-कीर्तन जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिससे अयोध्या की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर सजी अयोध्या नगरी में हर ओर श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का वातावरण रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर में 150 किलोग्राम सोने से जड़ित श्री राम यंत्र की स्थापना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की।
राष्ट्रपति ने नव संवत्सर पर रामलला के चरणों में शीश झुकाकर व आरती उतारकर श्रद्धा निवेदित की। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपति के साथ रामलला की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवों के समक्ष शीश झुकाया।
राष्ट्रपति ने श्रीराम मंदिर परिसर का भ्रमण कर यहां की दीवारों पर उकेरी गईं आकृतियों का भी अवलोकन किया।
राष्ट्रपति ने पूज्य संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीरामयंत्र की विधिवत प्रतिष्ठापना की।
श्रीराम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था।
वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
दक्षिण भारत, काशी, अयोध्या के आचार्यों द्वारा मंदिर में श्रीराम यंत्र के लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुका था।
यंत्र प्रतिष्ठापना के समय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मां अमृतानंदमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, सदस्य गोपाल जी आदि मौजूद रहे।
इससे पहले भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पवित्र अयोध्या धाम में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा की।"
पोस्ट के मुताबिक, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पावन अयोध्या धाम में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्री माता अमृतानंदमयी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिव्य मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने रामलला मंदिर में दर्शन और आरती की तथा प्रभु रामलला से सबकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।"
मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि वैदिक गणित पर आधारित श्री राम यंत्र सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए बनाया गया है और यह भगवान राम की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि 150 किलोग्राम सोने की परत चढ़ी चौकोर धातु की प्लेट में वैदिक और 'बीज' मंत्र उत्कीर्ण हैं।
मिश्रा ने कहा कि यह यंत्र कांची कामकोटि पीठम के श्री राम यंत्र पर आधारित है और स्वामी विजयेंद्र सरस्वती के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह यंत्र लगभग दो साल पहले एक औपचारिक यात्रा के रूप में तिरूपति देवस्थानम से अयोध्या लाया गया था और तब से इसकी प्रतिदिन पूजा की जाती है।
मिश्रा ने बताया कि इसे चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष से जुड़े अनुष्ठानों के हिस्से के रूप में शुभ 'अभिजीत मुहूर्त' के दौरान मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया जाएगा।
इस बीच, राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे अयोध्या में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि मंदिर परिसर और शहर भर में 7,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, साथ ही संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यातायात प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने निवासियों और श्रद्धालुओं से सहयोग करने व प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने का आग्रह किया।
भाषा सं जफर मनीषा जितेंद्र
जितेंद्र
1903 1524 अयोध्या