ईरान ने सऊदी अरब, कतर और यूएई के 'गैस फील्ड' पर हमले की धमकी दी
नरेश
- 18 Mar 2026, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
दुबई, 18 मार्च (एपी) ईरान ने अपने 'गैस फील्ड' पर हमले के बाद धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को इस बारे में खबर प्रसारित की।
इजराइल के खिलाफ जारी युद्ध के दौरान ईरान पहले भी इस तरह की धमकियां दे चुका है।
ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की 'समरेफ रिफाइनरी' और उसके 'जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स' को निशाना बनाने की धमकी दी है। उसने संयुक्त अरब अमीरात के 'अल हसन गैस फील्ड' और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है।
यह घटना फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे पर बुधवार को हमले की खबर देने के बाद सामने आई है।
घटनास्थल पर दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश करते दिखे और इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि घटना में कोई हताहत हुआ है नहीं।
खाड़ी अरब देशों के ऊर्जा स्थलों को निशाना बनाकर और भी बड़ा अभियान शुरू करने की ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र के देशों के विदेश मंत्री युद्ध पर चर्चा करने के लिए सऊदी अरब की राजधानी में मिलने वाले थे।
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि 'साउथ पार्स फील्ड' पर हुए हमले में तीसरा, चौथा, पांचवा और छठा फेज शामिल था। उन्होंने हमले के लिए इजराइल और अमेरिका को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि आग को फैलने से रोकने के लिए उन्होंने फील्ड के इन फेज को बंद कर दिया था।
कतर ने बुधवार को ईरान के साथ लगते अपने एक अपतटीय प्राकृतिक गैस फील्ड पर हमले के लिए इजराइल को दोषी ठहराया।
बुधवार को इस क्षेत्र के ईरानी हिस्से, साउथ पार्स फील्ड पर हमला हुआ और वहां से आग की लपटें उठती हुई दिखीं।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने आरोप लगाते हुए इस हमले को ''क्षेत्र में मौजूदा सैन्य तनाव के बीच एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम'' बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों और इसके पर्यावरण के लिए भी खतरा है।''
उन्होंने कहा, ''हम बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि महत्वपूर्ण केंद्रों को निशाना बनाने से बचना जरूरी है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखते हुए तनाव कम करने की दिशा में काम करने का आह्वान करते हैं।''
इजराइल ने बुधवार को कहा कि उसने एक और शीर्ष ईरानी अधिकारी को मार गिराया है, जो इन दो दिनों में इस तरह का तीसरा मामला है। ईरान ने अपनी कुछ नयी मिसाइलों का इस्तेमाल किया जो हवाई रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में सक्षम थीं और इन हमलों में तेल अवीव के पास दो लोगों की मौत हो गई। मौजूदा हालात को देखते हुए पश्चिम में जारी युद्ध के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने कहा कि ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब रात भर हुए हमले में मारे गए और उन्होंने वादा किया कि ''आज पूरे दिन सभी मोर्चों से महत्वपूर्ण खबरें मिलने की उम्मीद है'', हालांकि इस बारे में उन्होंने विस्तार से नहीं बताया।
इजराइल ने लेबनान पर दबाव बनाए रखा है और ईरान समर्थित हिजबुल्ला चरमपंथियों को निशाना बनाकर हमले किए, जिनमें बेरूत में कई अपार्टमेंट भवनों को निशाना बनाया गया और कम से कम 12 लोग मारे गए।
ईरान में, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर पर पिछली रात एक प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया था, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ और संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने तेहरान से मिली रिपोर्ट के बाद यह जानकारी दी। आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने परमाणु दुर्घटना के खतरे को रोकने के लिए संघर्ष के दौरान अधिकतम संयम बरतने की अपनी अपील दोहराई।
ईरान से मिली रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने बताया कि ईरान में बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर को पिछली रात एक मिसाइल से निशाना बनाया गया था लेकिन इसमें कोई घायल नहीं हुआ और संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने फिर से अपनी अपील दोहराई कि ''संघर्ष के दौरान अधिक से अधिक संयम बरता जाए ताकि किसी परमाणु दुर्घटना के जोखिम को रोका जा सके।''
इस बीच, बुधवार को शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही जो युद्ध की शुरुआत से 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
समाचार एजेंसी 'मिजान' के अनुसार ईरान ने इजराइल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दे दी। बुधवार की रिपोर्ट में व्यक्ति की पहचान कौरोश कीवानी के रूप में की गई और आरोप लगाया गया कि उसने इजराइल को ''संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी'' प्रदान की थी।
बाद में 'मिजान' ने बताया कि दक्षिणी फार्स प्रांत के लारेस्तान काउंटी में एक हवाई हमले में एक अदालत परिसर को निशाना बनाया गया जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए।
ईरान ने बुधवार को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत पर हमला किया जहां उसके कई तेल क्षेत्र स्थित हैं। साथ ही उसने कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर भी हमला किया।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि दुबई के पास संयुक्त अरब अमीरात में स्थित ऑस्ट्रेलियाई सैन्य अड्डे पर एक मिसाइल के हमले में मामूली आग लग गई, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। अल मिनहाद हवाई अड्डे के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इस सैन्य अड्डे का उपयोग पश्चिमी देश पश्चिम एशिया के लिए पारगमन केंद्र के रूप में करते हैं।
ईरान ने फारस की खाड़ी से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाज यातायात को बाधित करना जारी रखने का संकल्प लिया है। युद्ध शुरू होने के बाद से कुछ ही जहाज वहां से गुजर पाए हैं - इनमें कुछ ईरानी जहाज हैं, साथ ही भारत, तुर्किये और अन्य देशों के जहाज भी शामिल हैं।
ईरान का कहना है कि जलमार्ग खुला है लेकिन यह अमेरिका या उसके कई सहयोगियों के लिए नहीं है।
एपी सुरभि नरेश
नरेश
1803 1956 दुबई