उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली कैबिनेट से मुलाकात की
पवनेश
- 17 Mar 2026, 09:47 PM
- Updated: 09:47 PM
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने मंगलवार को लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की और केंद्र सरकार के 'विकसित भारत' दृष्टिकोण को साकार करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार की पहलों की जानकारी दी।
लोक निवास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उपराज्यपाल ने दिल्ली को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप एक वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए मौजूद प्रमुख चुनौतियों, अवसरों और सामूहिक संकल्प पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''आज अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ लोकनिवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू जी से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात दिल्ली के समावेशी विकास और जनसेवा के प्रति हमारे साझा संकल्प को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। शासन और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद और समन्वय ही राज्य की प्रगति और सुशासन का सशक्त आधार है।''
उन्होंने कहा, ''इस अवसर पर जनहित की प्रमुख योजनाओं तथा दिल्ली को आधुनिक और विश्वस्तरीय राजधानी के रूप में विकसित करने के हमारे विजन पर सार्थक एवं विस्तृत चर्चा हुई।''
गुप्ता ने कहा, ''हम दिल्ली के प्रत्येक नागरिक के उज्ज्वल भविष्य और सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।''
लोक निवास के अनुसार, मुख्य सचिव राजीव शर्मा सहित दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संधू से मुलाकात की। उपराज्यपाल ने अधिकारियों के साथ दिल्ली से जुड़े प्रमुख शासन और प्रशासनिक मामलों की समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त और विशेष आयुक्तों के साथ बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उनके प्रयासों की सराहना की और सामने आने वाली चुनौतियों पर बात की।
लोक निवास ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि उपराज्यपाल ने देश की राजधानी के अनुरूप सुरक्षित और संरक्षित दिल्ली सुनिश्चित करने के लिए कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल का पद संभालने के एक सप्ताह के भीतर संधू विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें कर रहे हैं और शासन एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस 2026 में 'राष्ट्र निर्माण में प्रौद्योगिकी की भूमिका' विषय पर मुख्य वक्तव्य भी दिया।
दिल्ली में अपने पहले कार्यक्रसंधू ने कहा कि देश के विकास का भविष्य डिजिटल है, लेकिन इसमें मानवीयता बनी रहनी चाहिए।
अमेरिका में राजनयिक के रूप में अपनी भूमिका के समय से नैसकॉम के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया और कहा कि यह उपयुक्त है कि एसोसिएशन द्वारा आयोजित 'ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस' दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में उनके शुरुआती कार्यक्रमों में से एक है।
उन्होंने कहा कि इतिहास हमें सिखाता है कि राष्ट्र पत्थर, इस्पात और पसीने की बुनियाद पर बनते हैं। लेकिन 2026 में राष्ट्र निर्माण का स्वरूप बदल गया है। आज सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा अक्सर दिखाई नहीं देता। यह फाइबर-ऑप्टिक केबलों, एल्गोरिदम की कार्यप्रणाली और डेटा के निर्बाध प्रवाह में मौजूद है।
संधू ने 'एक्स' पर एक पोस्ट भी की जिसमें कहा कि उन्होंने समावेशी और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में नवाचार, डिजिटल अवसंरचना और प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल दिया।
भाषा खारी पवनेश
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