पाकिस्तान ने तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया, 400 लोगों की मौत का अफगान सरकार का दावा
पवनेश
- 17 Mar 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 17 मार्च (भाषा) पाकिस्तान ने रात भर ''सटीक हवाई हमले'' कर अफगानिस्तान भर में आतंकवादियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया, हालांकि अफगान सरकार ने इस्लामाबाद पर काबुल में एक पुनर्वास अस्पताल पर बमबारी करने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 400 लोग मारे गए।
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के इस दावे को खारिज कर दिया कि सोमवार रात के उसके हवाई हमलों में काबुल में स्थित नशामुक्ति पुनर्वास केंद्र को निशाना बनाया गया था।
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, ये नए हमले 26 फरवरी को शुरू किए गए ऑपरेशन 'गजब-लिल-हक' के जारी रहने के दौरान हुए हैं। पाकिस्तान ने 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर अफ़गान तालिबान बलों द्वारा कथित हमलों के जवाब में यह ऑपरेशन शुरू किया था।
सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पाकिस्तान के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत 16 मार्च की रात काबुल और नंगरहार में अफ़गान तालिबान शासन के आतंकवाद समर्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए सटीक हवाई हमले किए।''
उन्होंने दावा किया कि काबुल में दो स्थानों पर स्थित तकनीकी सहायता ढांचे और गोला-बारूद भंडारण अड्डे पूरी तरह से नष्ट हो गए। उन्होंने कहा, "हमलों के बाद विस्फोट स्पष्ट रूप से बड़े गोला-बारूद डिपो की उपस्थिति का संकेत देते हैं।"
तरार ने दावा किया कि नंगरहार में अफगान तालिबान शासन द्वारा ''आतंकवाद को समर्थन'' देने वाले चार सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया, जिससे संबंधित रसद, गोला-बारूद और तकनीकी ढांचे को नष्ट कर दिया गया।
हालांकि, अफ़गान तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत ने कहा कि सोमवार रात पाकिस्तान द्वारा की गई बमबारी में अफगानिस्तान की राजधानी में स्थित एक नशामुक्ति केंद्र को निशाना बनाया गया था, जिस हमले में कम से कम 400 लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि 250 अन्य लोग घायल हुए हैं।
फितरत ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हमले में अस्पताल के बड़े हिस्से नष्ट हो गए और बचाव दल मलबे से शवों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
'टोलोन्यूज' ने अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों का हवाला देते हुए मंगलवार को बताया कि बचाव अभियान जारी रहने के दौरान मलबे के नीचे अब भी 50 से अधिक शव फंसे होने की आशंका है।
खबर में कहा गया कि हवाई हमले में पुनर्वास परिसर की पांच इमारतें नष्ट हो गईं, जहां लगभग 3,000 मरीजों उपचार के लिए आए थे।
घटनास्थल का दौरा करने वाले उप गृह मंत्री मुहम्मद नबी उमरी ने कहा कि पाकिस्तान ने "अफगानों को मारने की साजिश रची है।"
अफगान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि उनका देश पाकिस्तान के हमले का कड़ा जवाब देगा।
हालांकि, तरार ने दावा किया कि पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में अफगान तालिबान तथा 'फितना अल-ख्वारिज' के अड्डों और आतंकवदियों के ठिकानों को सटीक रूप से निशाना बनाया। इन ठिकानों में तकनीकी उपकरण और गोला-बारूद के भंडार शामिल थे जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान के निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था।
सरकार द्वारा 'फितना अल-ख्वारिज' शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए किया जाता है।
तरार द्वारा सोमवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 684 अफगान तालिबान कार्यकर्ता मारे गए हैं और 912 अन्य घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि तालिबान की 252 चौकियां नष्ट कर दी गईं, जबकि 44 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया और फिर उन्हें नष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि तालिबान शासन के 229 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें नष्ट कर दी गई हैं।
पूरे अफगानिस्तान में लगभग 73 आतंकी ठिकानों और 'आतंकी ढांचे' को हवाई हमले से प्रभावी ढंग से निशाना बनाया गया।
भाषा आशीष पवनेश
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1703 2235 इस्लामाबाद