शेयर बाजारों में बिकवाली का जोर, सेंसेक्स 454 अंक फिसला
प्रेम प्रेम पाण्डेय
- 15 Mar 2024, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
मुंबई, 15 मार्च (भाषा) कमजोर वैश्विक बाजार रुझानों और विदेशी पूंजी की निकासी के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को एक बार फिर बिकवाली का जोर रहा और दोनों मानक सूचकांक आधा प्रतिशत से अधिक गिर गए।
कारोबारियों ने कहा कि तेल एवं गैस, वाहन और ऊर्जा खंड के शेयरों में गिरावट से बाजार कमजोर रहे। इसके अलावा छोटी एवं मझोली कंपनियों के शेयरों को लेकर पैदा हुई आशंकाओं ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला।
बीएसई में कमजोर शुरुआत के बाद 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 453.85 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,643.43 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 612.46 अंक तक गिरकर 72,484.82 पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 123.30 अंक यानी 0.56 प्रतिशत गिरकर 22,023.35 अंक पर बंद हुआ।
इस तरह बाजार एक दिन फिर बिकवाली के दबाव में आ गया। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स पिछले दिन की भारी गिरावट से उबरने में सफल रहे थे। सेंसेक्स 335.39 अंक यानी 0.46 प्रतिशत चढ़ा था जबकि निफ्टी 148.95 अंक यानी 0.68 प्रतिशत बढ़ा था।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में कुल 1,475.96 अंक यानी 1.99 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है जबकि निफ्टी ने इस दौरान 470.2 अंक यानी 2.09 प्रतिशत का नुकसान उठाया है।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) प्रशांत तापसे ने कहा, "घरेलू इक्विटी बाजारों ने कमजोर अमेरिकी एवं एशियाई बाजारों का अनुकरण किया और वाहन, तेल-गैस, बैंकिंग और ऊर्जा शेयरों में मुनाफावसूली का जोर रहा। इसके अलावा मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन के हालिया आंकड़ों ने भी मंदड़िया रुख को हवा देने का काम किया है।"
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा में सर्वाधिक 4.75 प्रतिशत की गिरावट रही। टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी गिरकर बंद हुए।
दूसरी तरफ भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंडसइंड बैंक बढ़त के साथ बंद हुए।
व्यापक बाजार में, बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.51 प्रतिशत फिसल गया, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 0.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
वहीं साप्ताहिक आधार पर स्मालकैप सूचकांक में 5.91 प्रतिशत और मिडकैप सूचकांक में चार प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के प्रति सतर्कता ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया है, जिससे व्यापक बाजार में गिरावट आई है। हालांकि, जिंस की वैश्विक कीमतों में नरमी और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की जीडीपी में बढ़ोतरी के अनुमान से घरेलू मांग में मजबूती की उम्मीद बढ़ती है।"
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट बढ़त के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय बाजार मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई थी।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 1,356.29 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.68 प्रतिशत गिरकर 84.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
भाषा प्रेम प्रेम