सरकार लोगों पर वैश्विक संघर्षों के पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए काम कर रही : मोदी
दिलीप
- 14 Mar 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
(तस्वीरों के साथ)
सिलचर, 14 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार वैश्विक संघर्षों के कारण लोगों पर पड़ने वाले प्रभावों को न्यूनतम करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस देश में दहशत पैदा करने की कोशिश करके ''गैर-जिम्मेदाराना'' व्यवहार कर रही है।
मोदी ने असम के सिलचर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक पूर्वोत्तर की अनदेखी की और स्वतंत्रता के दौरान ऐसी सीमा रेखा खींचने की अनुमति दी, जिससे समुद्री मार्ग से बराक घाटी का संपर्क टूट गया।
उन्होंने कहा, ''विश्व में जारी युद्धों को देखते हुए, हमारा प्रयास है कि देश की जनता पर इनका प्रभाव न्यूनतम हो। कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रही। वह जनता में दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है।''
मोदी ने कहा, ''उसके (कांग्रेस) पास न तो असम के लिए कोई दृष्टिकोण है और न ही राष्ट्र के लिए; वे (कांग्रेस नेता) केवल मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना जानते हैं।''
प्रधानमंत्री ने पिछले महीने दिल्ली में हुई 'एआई इम्पैक्ट समिट' में कांग्रेस के ''कमीज उतारकर किए गए प्रदर्शन'' को लेकर भी उस पर निशाना साधा और विपक्षी पार्टी पर देश को बदनाम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''पूरी दुनिया एआई में रुचि रखती है, और दिल्ली में हुए सफल शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेता, प्रौद्योगिकी कंपनियां और उनके प्रमुख शामिल हुए। लेकिन, कांग्रेस ने 'कपड़ा फाड़ प्रदर्शनी' कर देश को शर्मिंदा करने की कोशिश की।''
मोदी ने कहा कि पूरा देश इस ''अशोभनीय'' विरोध प्रदर्शन की निंदा कर रहा है, लेकिन ''कांग्रेस का शाही परिवार'' अपनी पीठ थपथपा रहा है।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस के पास अपने ही कपड़े फाड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।''
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त है और कहा कि यह पार्टी किसी भी राज्य के लोगों का कल्याण सुनिश्चित नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है और निकट भविष्य में हार का शतक पूरा कर लेगी। हार की निराशा ने इसे राष्ट्र के विरुद्ध मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया है और इसके नेता देश को बदनाम करने में लगे हैं।''
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को 'दिल और दिल्ली' दोनों से दूर रखा, ताकि विकास इस क्षेत्र के लोगों तक न पहुंचे, जिससे वे हिंसा और पिछड़ेपन में फंसे रह गए।
मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र हुआ करती थी।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को जिस तरह उसके हाल पर छोड़ दिया, उसने उसी तरह बराक घाटी को कमजोर करने में भी अहम भूमिका निभाई।''
मोदी ने कहा, ''बराक घाटी, जो कभी औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, अपनी मूल ताकत खो बैठी। आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस सरकारें सत्ता में रहीं, फिर भी इस क्षेत्र में विकास न के बराबर हुआ। आज भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।''
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम के युवाओं को हिंसा और उग्रवाद के रास्ते पर धकेल दिया, जबकि भाजपा ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य उनके लिए अवसरों का सागर बन जाए।
उन्होंने कहा, ''जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं। भाजपा का मूलमंत्र विकास में पिछड़े लोगों को प्राथमिकता देना है।''
उन्होंने कहा, ''असम के युवाओं के पास सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपार अवसर हैं। शांति और प्रगति का वर्तमान युग अथक बलिदानों के माध्यम से प्राप्त किया गया है, जिसे प्रतिगामी शक्तियों से बचाना आवश्यक है।''
मोदी ने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा सरकार के विकास प्रयासों के प्रमुख स्तंभ बन गए हैं। उन्होंने कहा कि असम तेजी से एक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां एम्स और कैंसर अस्पतालों का एक मजबूत नेटवर्क बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान सीमावर्ती गांवों को ''सबसे पिछड़ा गांव'' माना जाता था, लेकिन उनकी सरकार इन्हें देश के ''पहले गांव'' के रूप में देखती है।
उन्होंने कहा, ''जीवंत ग्राम कार्यक्रम का दूसरा चरण कछार जिले से शुरू हो चुका है और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से सुधार ला रहा है।''
मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के हजारों परिवारों को भूमि अधिकार देकर एक ''ऐतिहासिक कर्तव्य'' निभाया है।
उन्होंने कहा, ''भूमि अधिकार प्रदान करना न केवल एक कानूनी सुरक्षा है, जो गरिमा सुनिश्चित करती है, बल्कि अब इन परिवारों को आवास, बिजली और पानी जैसी केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने की सुविधा भी मिलेगी।''
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल तक असम का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन राज्य के किसानों को एक पैसा भी नहीं दिया, जबकि भाजपा ने उन्हें 20,000 करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने कछार जिले के सिलचर और मेघालय के शिलांग के बीच 22,864 करोड़ रुपये की नियंत्रित प्रवेश-निकास वाली एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 'भूमि पूजन' में भाग लिया। यह पूर्वोत्तर में अपनी तरह की पहली परियोजना है।
अधिकारियों ने बताया कि 166 किलोमीटर लंबे चार लेन के इस ग्रीनफील्ड द्रुतगति गलियारे से मेघालय और असम के बीच संपर्क सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस परियोजना से गुवाहाटी और सिलचर के बीच की दूरी 295 से घटकर 252 रह जाएगी और यात्रा का समय 8.5 घंटे से घटकर लगभग पांच घंटे रह जाएगा।
प्रधानमंत्री 'कैपिटल प्वाइंट' के पास ट्रंक रोड से सिलचर के 'रंगिरखारी प्वाइंट' तक एनएच-306 पर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर (चरण-1) के भूमि पूजन में भी शामिल हुए।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से सिलचर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर यातायात का दबाव कम होगा तथा मिजोरम, त्रिपुरा एवं मणिपुर जैसे पड़ोसी राज्यों से संपर्क बेहतर होगा और बराक घाटी के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने करीमगंज जिले के पथारकंडी में एक नए कृषि महाविद्यालय की आधारशिला भी रखी।
भाषा
शफीक दिलीप
दिलीप
1403 2012 सिलचर