दिल्ली: एलपीजी की उपलब्धता की समस्या से रेहडी पटरी वाले प्रभावित
प्रशांत
- 13 Mar 2026, 09:00 PM
- Updated: 09:00 PM
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में रसोई गैस की किल्लत से रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका प्रभावित हो रही है, जिससे कई लोगों को अपने स्टॉल बंद करने या दैनिक संचालन के वास्ते ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
गतिरोध के कारण कई छोटे व्यापारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ने अपना कारोबार फिलहाल के लिये बंद कर दिया है, जबकि अन्य को काम चलाने के लिये काला बाजार से "बढ़ी हुई कीमतों" पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
पीवीआर साकेत के पास एक फास्ट-फूड स्टॉल चलाने वाले नरेश चावला ने कहा कि एक ही दुकान से कई श्रमिकों और उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है।
उन्होंने कहा, "एक छोटी सी दुकान आठ से दस लोगों की आजीविका का साधन है। मैं तीन से चार ऐसे कर्मचारियों को काम पर रखता हूं जो गांवों से आकर यहां बसे हैं। हममें से कई लोगों ने इन दुकानों को चलाने के लिए कर्ज लिया है। अगर यही स्थिति बनी रही तो 30 प्रतिशत रेहडी पटरी वालों की आजीविका छिन जाएगी।"
शहर भर में आपूर्ति में व्यवधान साफ नजर आ रहा है। आदर्श नगर में विक्की नाम के एक खाद्य विक्रेता ने बताया कि उसने एक छोटे सिलेंडर के लिए लगभग 4,000 रुपये खर्च किए। लागत की भरपाई के लिए उसने अपने व्यंजनों की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी, लेकिन उसने कहा कि कई ग्राहक नयी कीमत सुनते ही तुरंत चले गए।
कई विक्रेताओं ने कहा कि वे अब अपने दैनिक घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए बचत का उपयोग कर रहे हैं या ऋण ले रहे हैं।
संगम विहार में चाय और समोसा बेचने वाले उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि काला बाजार से करीब 2,200 रुपये में एक छोटा एलपीजी सिलेंडर खरीदने के बाद ही वह दुकान खोल पाए।
वहीं, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में पानी पूरी बेचने वाले रफीक अहमद को बृहस्पतिवार दोपहर अपनी दुकान बंद करनी पड़ी।
अहमद ने ग्रामीण इलाकों में अपने परिवारों को कमाई भेजने वाले अपने कामगारों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "मैं सिलेंडर का इंतजाम ही नहीं कर पाया। वे बेहद गरीब परिवारों से आते हैं। जब मैं खुद मुश्किल से अपना गुजारा कर पा रहा हूं, तो मुझे समझ नहीं आता कि मैं उनके सामने क्या मुंह लेकर जाऊं।''
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान के कारण सरकार द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन के लिए प्राथमिकता क्रम में संशोधन के बाद आपूर्ति की यह स्थिति बनी है।
गजट अधिसूचना के अनुसार, एलपीजी उत्पादन को, सीएनजी और पाइपयुक्त खाना पकाने वाली गैस के साथ, आवंटन सूची में सबसे ऊपर रखा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अन्य जगहों पर गैस की आपूर्ति करने से पहले इन क्षेत्रों की मांग पूरी की जाए।
भाषा तान्या प्रशांत
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