ओमान के औद्योगिक केंद्र सोहार पर ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत, 10 घायल
दिलीप
- 13 Mar 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) ओमान के सोहार शहर में शुक्रवार को हुए ड्रोन हमले में दो भारतीय नागरिक मारे गए और 10 अन्य घायल हो गए। 28 फरवरी को ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से जमीन पर भारतीयों की मौत का यह पहला मामला है।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम महाजन ने पश्चिम एशिया में संकट पर एक अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में ओमान में दो भारतीयों की हत्या की पुष्टि की।
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया से 1,50,000 भारतीय नागरिक भारत लौट चुके हैं।
महाजन ने कहा, ''मैं आप सभी के साथ आज सोहार शहर में हुई एक घटना की जानकारी साझा करना चाहता हूं। वहां एक हमला हुआ और इस घटना में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई।''
उन्होंने कहा, ''हम उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमले में घायल हुए 11 लोगों में से 10 भारतीय हैं। इनमें से पांच को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और पांच अन्य का स्थानीय अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।''
महाजन ने कहा, ''किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। हमारा मिशन संबंधित कंपनी और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।''
हालांकि, महाजन ने हमले के बारे में विशिष्ट विवरण नहीं दिया, लेकिन ओमान न्यूज एजेंसी (ओएनए) ने बताया कि सोहार में दो ड्रोन गिरे, जिनमें से एक अल अव्ही औद्योगिक क्षेत्र में गिरा और दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई।
पश्चिम एशिया संघर्ष में मरने वाले भारतीयों की कुल संख्या अब पांच हो गई है। ओमान में हुए हमले में ज़मीन पर दो भारतीयों की मौत की पहली घटना हुई, जबकि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं।
पिछले कुछ दिनों में, भारत ने पश्चिम एशिया में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने राजनयिक प्रयासों को तेज कर दिया है।
भारत होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर खड़े भारतीय ध्वज वाले 20 से अधिक व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के प्रयास भी कर रहा है।
महाजन ने यह भी कहा कि अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर 'सेफसी विष्णु' के चालक दल के 15 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित रूप से बसरा शहर के एक होटल में पहुंचाया गया।
बुधवार को इराक के बसरा के पास एक टैंकर पर हमला हुआ। इस हमले में चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाए जाने के प्रयास जारी हैं।
महाजन ने कहा कि बसरा स्थित भारतीय मिशन चालक दल के 15 भारतीय सदस्यों की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने का भी प्रयास कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया से 1,50,000 भारतीय नागरिक वापस लौटे हैं।
पिछले कुछ दिनों में कतर एयरवेज की उड़ानों से लगभग 2,900 भारतीय कतर से लौटे, और बहरीन से 1,000 भारतीय वापस आए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि 117 भारतीय नागरिक ईरान से भूमि सीमा के रास्ते आर्मेनिया में घुस गए थे और उनमें से कई पहले ही भारत लौट चुके हैं।
उन्होंने कहा, ''हमने सभी पक्षों से कहा है कि वे संघर्ष को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कूटनीति और संवाद का मार्ग अपनाएं।''
जायसवाल ने कहा, ''हम ब्रिक्स सदस्य देशों से भी बातचीत कर रहे हैं, ताकि इस मुद्दे पर आम सहमति बन सके।''
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