सीबीआई ने 228 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के बेटे से पूछताछ की
दिलीप
- 13 Mar 2026, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 228 करोड़ रुपये के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व निदेशक जय अनमोल को शनिवार को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में जय अनमोल से यहां सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ की। बैंक धोखाधड़ी मामले में अनमोल पर रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा पूर्व पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधाकर समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
कंपनी से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
सीबीआई की एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, '' सीबीआई ने जय अनमोल अनिल अंबानी को आज दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया। आरोपी जय अनमोल अनिल अंबानी आज जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए और उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई।''
उन्होंने कहा, '' आगे की जांच के लिए आरोपी को कल भी जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।''
नौ दिसंबर, 2025 को एजेंसी ने जय अनमोल और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद जय के आवास पर तलाशी ली गई थी।
सीबीआई ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (तत्कालीन आंध्रा बैंक) की एक शिकायत पर कार्रवाई की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने बैंक से लिए गए ऋण का भुगतान नहीं किया, जिससे खाता 2019 में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल गया।
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर आरएचएफएल (रिलायंस एडीए समूह की कंपनी), उसके प्रवर्तकों/निदेशकों और बैंक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के आरोपों के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया है। बैंक को 228.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, '' रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड का खाता 30 सितंबर, 2019 को एनपीए (गैर-निष्पादित) घोषित किया गया था और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 10 अक्टूबर, 2024 को धोखाधड़ी के रूप में घोषित किया गया था।''
प्रवक्ता ने बताया कि आरएचएफएल ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और कॉर्पोरेट निकायों से 5,572.35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
उन्होंने कहा, ''आरोपी कंपनी द्वारा सभी बैंकों/वित्तीय संस्थानों आदि को धोखा देने के आरोपों की गहन जांच की जा रही है।''
प्रवक्ता ने बताया कि सीबीआई ने मुंबई स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर लिया था और मुंबई में आरएफएचएल के दो आधिकारिक परिसरों और जय अनमोल तथा सुधालकर के आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था।
भाषा रविकांत दिलीप
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