उप्र: एचपीसीएल के दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
खारी
- 12 Mar 2026, 11:50 PM
- Updated: 11:50 PM
बदायूं (उप्र), 12 मार्च (भाषा) बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के इथेनॉल संयंत्र में बृहस्पतिवार को कालीसूची में डाले गए एक विक्रेता ने दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह घटना जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सेजनी गांव स्थित एचपीसीएल इथेनॉल संयंत्र में हुई।
जिलाधिकारी अवनीश राय के अनुसार, मृतकों की पहचान संयंत्र के महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता (58) और सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) के रूप में हुई है।
राय ने बताया कि सेजनी गांव निवासी आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू पहले इथेनॉल संयंत्र में विक्रेता के रूप में काम करता था।
सूत्रों के अनुसार, महाप्रबंधक गुप्ता ने हाल में कुछ कर्मचारियों की छंटनी की थी और जिन विक्रेताओं का काम संतोषजनक नहीं था, उन्हें काली सूची में डाल दिया था। हटाए गए लोगों में आरोपी भी शामिल था।
सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर कई बार गुप्ता को धमकियां दी थीं।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पहले भी गुप्ता की कार पर हमला किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में इस संबंध में दातागंज कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे संयंत्र में पहुंचा और कथित तौर पर महाप्रबंधक पर गोली चला दी और जब सहायक महाप्रबंधक मिश्रा ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो हमलावर ने उन पर भी गोली चला दी, जिससे दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इस बात को लेकर सवाल उठे हैं कि आरोपी हथियार के साथ उच्च सुरक्षा वाले संयंत्र परिसर में कैसे प्रवेश कर गया और सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके या तलाशी लिए बिना कार्यालय क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
एचपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक (बरेली क्षेत्र) देवानंद ने बताया कि महाप्रबंधक गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई पूर्व प्राथमिकी के अनुसार पहली बड़ी घटना 13 जनवरी को हुई थी, जब आरोपी कथित तौर पर एक ठेकेदार की कार में जबरन बैठकर संयंत्र परिसर में घुस गया था और सीधे सम्मेलन कक्ष में पहुंच गया था, जहां उस समय अधिकारियों की बैठक हो रही थी।
उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को भी आरोपी कथित तौर पर फिर से संयंत्र परिसर में घुस गया और अधिकारियों को धमकाते हुए हंगामा किया।
जब अधिकारी शिकायत दर्ज कराने के लिए बाहर निकले तो आरोपी ने उनकी कार रोकने की कोशिश की और करीब पांच किलोमीटर तक उनका पीछा किया।
सूत्रों के अनुसार, 13 और 14 जनवरी की घटनाओं की गंभीरता के बावजूद तत्काल मामला दर्ज नहीं किया गया। बाद में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद चार फरवरी को मूसाझाग थाने में आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (बरेली रेंज) अजय कुमार साहनी ने बताया कि उस मामले में क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी मूसाझाग थाना प्रभारी के छुट्टी से लौटने के बाद मिल सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में कथित लापरवाही के आरोप में मूसाझाग थाना प्रभारी अजय कुमार और उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस क्षेत्राधिकारी (उझानी) डॉ. देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी (शहर) रजनीश कुमार उपाध्याय को सौंपी गई है।
भाषा सं जफर खारी
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