सुखबीर बादल के खिलाफ बगावत, नेताओं के एक वर्ग ने उनसे पार्टी प्रमुख पद छोड़ने को कहा
आशीष खारी
- 25 Jun 2024, 11:01 PM
- Updated: 11:01 PM
चंडीगढ़, 25 जून (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेताओं के एक वर्ग ने मंगलवार को सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ बगावत कर दी और मांग की कि लोकसभा चुनावों में शिअद की हार के मद्देनजर उन्हें पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
जालंधर में बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले महीने ‘शिअद बचाओ’ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बागी नेताओं की जालंधर में उस समय बैठक हुई जब शिअद प्रमुख बादल चंडीगढ़ में जिला अध्यक्षों और अन्य नेताओं के साथ लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बैठक कर रहे थे। वहीं, पार्टी ने बागी नेताओं को ‘‘भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रायोजित हताश तत्व’’ बताया जो पार्टी को कमजोर करना चाहते हैं।
आम चुनावों में शिअद को करारी हार का सामना करना पड़ा था। शिअद पंजाब की 13 लोकसभा सीट में से केवल एक पर ही जीत हासिल कर पाई। बादल की पत्नी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बठिंडा सीट बरकरार रखी। शिअद के 10 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। वर्ष 2019 में पार्टी का मत प्रतिशत 27.45 था जो इस बार घटकर 13.42 रह गया।
करीब पांच घंटे की बैठक के बाद बागी नेताओं ने बादल से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को कहा।
पत्रकारों से बातचीत में शिअद के पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि उन्होंने पार्टी की ‘‘पिछली गलतियों और कमियों’’ पर विस्तृत चर्चा की जिसके कारण पार्टी में यह हालात बने हैं। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि एक जुलाई को अकालतख्त पर ‘‘पिछली गलतियों और कमियों’’ के लिए माफी मांगने का फैसला किया गया है। चंदूमाजरा ने कहा कि इस संबंध में एक पत्र सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकालतख्त के कार्यालय को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि उस दिन ‘शिरोमणि अकाली दल बचाओ’ आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।
बादल का जिक्र करते हुए शिअद के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि इस पर विचार किया जाना चाहिए कि पार्टी ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों और अब आम चुनावों में खराब प्रदर्शन क्यों किया?
चंडीगढ़ में, अकाली दल ने कहा कि भाजपा द्वारा प्रायोजित हताश तत्व पार्टी को अंदर से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा।
शिअद जिला अध्यक्षों और हलका प्रभारियों द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों में पार्टी ने कहा कि ‘‘शिरोमणि अकाली दल को कमजोर करने या तोड़ने के प्रयासों के पीछे भाजपा और सरकारी एजेंसियां हैं।’’
भाषा आशीष