दूध के दाम में वृद्धि थैलियों में बढ़ाई गई मात्रा के अनुरूप है : सिद्धरमैया
सुभाष रंजन
- 25 Jun 2024, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
बेंगलुरु, 25 जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि 26 जून से ‘नंदिनी’ दूध के दाम में दो रुपये की वृद्धि थैलियों में बढ़ाई गई मात्रा के अनुरूप है।
उनका यह स्पष्टीकरण दूध के दाम में वृद्धि को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर विपक्ष के हमले के बाद आया।
कर्नाटक दुग्ध फेडरेशन (केएमएफ) ने अपने आधे लीटर और एक लीटर की थैलियों में 50 मिलीलीटर मात्रा भी बढ़ाने के साथ-साथ कीमतें बढ़ाने की भी घोषणा की है।
केएमएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘चूंकि अभी फसल कटाई का मौसम है, इसलिए सभी जिला दुग्ध संघों के पास दूध का भंडारण प्रतिदिन बढ़ रहा है और वर्तमान भंडारण लगभग एक करोड़ लीटर है। इसे देखते हुए, हर थैली की कीमत में दो रुपये की वृद्धि की जा रही है तथा उपभोक्ताओं को हर आधा लीटर (500 मिलीलीटर) और एक लीटर (1000 मिलीलीटर) की थैली में 50 मिलीलीटर अतिरिक्त दूध दिया जा रहा है।’’
फिलहाल ‘नंदिनी’ की 500 मिली लीटर दूध की थैली का दाम 22 रुपये है। इस वृद्धि के बाद अब 550 मिलीलीटर की थैली 24 रुपये में मिलेगी। इसी तरह 1000 मिलीलीटर दूध की थैली 42 रुपये में मिल रही थी, लेकिन अब 44 रुपये में 1050 मिलीलीटर दूध की थैली मिलेगी।
नंदिनी ब्रांड के दूध की अन्य श्रेणियों के दाम भी बढ़ जायेंगे।
सिद्धरमैया ने एक बयान में कहा, ‘‘नंदिनी दूध की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके बजाय, अब दूध की प्रत्येक थैली में 50 मिलीलीटर अतिरिक्त दूध होगा और बढ़ी हुई मात्रा के अनुरूप कीमत में वृद्धि की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि केएमएफ के इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन को संग्रह केंद्रों पर अस्वीकार न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बयान में कहा कि पिछले साल की तुलना में राज्य में दुग्ध उत्पादन में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल जहां प्रतिदिन औसत उत्पादन 90 लाख लीटर था, वहीं इस साल यह बढ़कर औसतन 99 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त उत्पादन को समायोजित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसान निराश न हों, केएमएफ ने प्रत्येक थैली में दूध की मात्रा 50 मिलीलीटर बढ़ाने का फैसला किया है और अतिरिक्त मात्रा के लिए केवल 2 रुपये अधिक देना होगा।
उन्होंने कहा कि दूध की प्रति यूनिट कीमत में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
राज्य सरकार द्वारा ईंधन की कीमतें बढ़ाने के कुछ दिनों बाद दूध के दाम में वृद्धि किये जाने के फैसले की विपक्ष ने आलोचना की।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ‘आपातकाल की बरसी मनाने के लिए’ दूध के दाम में वृद्धि कर दी।
उन्होंने दूध के मूल्य में वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
अशोक ने कहा, ‘‘ सत्ता में आने के महज 13 महीनों में ही आपने दूध के दाम बढ़ा दिये हैं। पिछले साल अगस्त में दूध के दाम में तीन रुपये की वृद्धि की गयी थी और अब उसमें दो रुपये की बढ़ोत्तरी की गयी है।’’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा कि दूध के दाम बढ़ाने के इस नवीनतम फैसले से गरीब बुरी तरह प्रभावित होंगे।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ लोकसभा चुनाव के शीघ्र बाद नुकसान का बदला लेने के लिए कांग्रेस विधायकों की ओर से गारंटियों को वापस लेने की मांग की जा रही थी। अंतत: यही वह तरीका है जिससे सरकार उसके खिलाफ वोट देने के लिए गरीब नागरिकों से बदला ले रही है।’’
जनता दल (सेक्युलर) ने भी इस कदम की आलोचना की और व्यंग्य किया कि ‘आपातकाल की स्वर्णजयंती’ पर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने लोगों को ‘बंपर उपहार’ दिया है।
भाषा सुभाष