बिरला ने कभी पक्षपात नहीं किया, विपक्ष के 50 सांसद अविश्वास प्रस्ताव से असहमत : रीजीजू
हक
- 10 Mar 2026, 04:05 PM
- Updated: 04:05 PM
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने कभी किसी के साथ पक्षपात नहीं किया और विपक्ष के सदस्यों ने उन्हीं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है।
बिरला को हटाने के लिए सदन में लाए गए संकल्प पर चर्चा में भाग लेते हुए रीजीजू ने दावा किया कि विपक्ष के कई सांसद इस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ''विपक्ष के कम से कम 50 से ज्यादा सांसद मुझसे मिले हैं और कहा कि वे बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं, हम मजबूरी में ऐसा कर रहे हैं।''
संसदीय कार्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का मौका नहीं देने संबंधी विपक्ष के दावों के संदर्भ में कहा, ''लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कभी पक्षपात नहीं किया और आप उन्हीं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आते हैं।''
उन्होंने सवाल किया, ''यह अविश्वास प्रस्ताव क्यों लाया गया? इसके पीछे की मानसिकता क्या है? वे कौन लोग हैं कि आज हमलोग इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं।''
उन्होंने विपक्ष पर निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। रीजीजू ने कहा, ''आपने निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका पर हमला किया, लेकिन वह बाहर की बात है। केवल लोकसभा अध्यक्ष का पद बचा रह गया था...।''
संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ''अब मुझे पता चला कि भारत में यदि लोकतंत्र पर हमला करना है तो लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर हमला करो।'' उन्होंने विपक्ष पर अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाकर राजनीतिक रोटी सेंकने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि सदन में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन सच तो यह है कि जब सत्र चलता है तभी वह विदेश चले जाते हैं।
रीजीजू ने कहा, ''इनके नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) अपनी बात बोलकर सदन में बैठे बगैर चले जाते हैं। किसी की नहीं सुनते और कहते हैं कि बोलने नहीं दिया जाता।''
इस पर, कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल सहित विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया।
संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में राहुल द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाने की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री बैठे थे। लेकिन वह (राहुल) वहां से दौड़ कर आते हैं गले लगाने के लिए।''
उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा, ''ऐसा कोई नेता प्रतिपक्ष देखा है? कमाल के आदमी हैं। वहां बैठकर अपने सांसद को आंख मारते हैं। ऐसा नेता प्रतिपक्ष हमने पहली बार देखा है। जैसा लीडर है, बाकी तो वैसे ही होंगे...।''
उन्होंने लोकसभा में विपक्ष द्वारा आसन को 'यार' कहे जाने और राज्यसभा में आसन को 'कलिग' बोले जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ''स्पीकर (अध्यक्ष) और चेयरमैन (सभापति) 'कलिग' नहीं होते, वे सदन के संरक्षक होते हैं...।''
रीजीजू ने लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को अपने आप को संविधान से बड़ा नहीं समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि कोई सदस्य बोलने के लिए जब मन हो अपने स्थान पर खड़ा हो जाए और माइक अपने आप चालू हो जाए।
संकल्प पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गोगोई ने यह आरोप लगाया था कि वर्तमान समय में लोकसभा में माइक को भी एक 'अस्त्र' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है।
भाषा
सुभाष हक
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