फरवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश आठ प्रतिशत बढ़कर 25,978 करोड़ रुपये पर
अजय
- 10 Mar 2026, 05:03 PM
- Updated: 05:03 PM
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में फरवरी के दौरान शुद्ध निवेश आठ प्रतिशत बढ़कर 25,978 करोड़ रुपये हो गया। यह बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
उद्योग संगठन एम्फी की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी निवेश में यह बढ़ोतरी लगातार दो महीनों की नरमी के बाद दर्ज की गई। म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) फरवरी में बढ़कर 82 लाख करोड़ रुपये हो गईं जो जनवरी में 81 लाख करोड़ रुपये थीं।
'एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया' (एम्फी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वेंकट एन चलसानी ने कहा कि इक्विटी योजनाओं में सकारात्मक प्रवाह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कारण बढ़े निवेशक भरोसे का नतीजा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया के बढ़ते संघर्ष के कारण इस महीने म्यूचुअल फंड बाजार में कुछ अस्थिरता देखी जा सकती है, लेकिन भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की कहानी मजबूत बनी रहेगी।
हालांकि, व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के जरिये आने वाला निवेश फरवरी में थोड़ा कम होकर करीब 29,845 करोड़ रुपये रहा, जो जनवरी में 31,000 करोड़ रुपये था।
चलसानी ने कहा कि एसआईपी संग्रह कम रहने का एक कारण फरवरी महीने की छोटी अवधि भी है। उन्होंने कहा कि 29, 30 एवं 31 तारीख को निर्धारित किस्तें मार्च की शुरुआत में प्रसंस्कृत होती हैं, जिससे कुछ निवेश अगले महीने में चला जाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश बढ़कर 25,978 करोड़ रुपये हो गया। यह निवेश जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये, दिसंबर, 2025 में 28,054 करोड़ रुपये और नवंबर, 2025 में 29,911 करोड़ रुपये था।
इक्विटी श्रेणी में फ्लेक्सी कैप फंड में सबसे अधिक 6,924.65 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इसके बाद मिडकैप फंड में 4,003 करोड़ रुपये और स्मॉलकैप फंड में 3,881 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।
क्षेत्रीय एवं विषयगत फंड में 2,987 करोड़ रुपये और लार्जकैप फंड में 2,112 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। हालांकि, कर-बचत वाली ईएलएसएस योजनाओं से 650 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई।
कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड उद्योग में फरवरी के दौरान 94,530 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो जनवरी में दर्ज 1.56 लाख करोड़ रुपये से कम है।
इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में फरवरी के दौरान 5,255 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जनवरी में यह 24,040 करोड़ रुपये और दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपये था।
ऋण-आधारित डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं में भी पिछले महीने 42,106 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो जनवरी के 74,827 करोड़ रुपये से कम है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम ने कहा, ''इस नरमी से संकेत मिलता है कि तरलता का प्रवाह अब भी मददगार बना हुआ है, लेकिन कोष के पुनर्नियोजन से जनवरी में दिखी मजबूत निवेश की रफ्तार अब कुछ कम होने लगी है।''
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