जातिगत टिप्पणियों के विवाद के बीच जेएनयूएसयू ने कुलपति को हटाने के लिए जनमत संग्रह की घोषणा की
नरेश
- 09 Mar 2026, 05:44 PM
- Updated: 05:44 PM
नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने ''क्या कुलपति को हटाया जाना चाहिए'' विषय पर रायशुमारी के मकसद से एक छात्र जनमत संग्रह की घोषणा की, जो मंगलवार को विवि के सभी विभागों में आयोजित किया जाएगा।
इस जनमत संग्रह की देखरेख जेएनयू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) के पूर्व सदस्य करेंगे और इसके परिणाम बुधवार को जारी किए जाएंगे।
इस विषय पर जेएनयू के कुलपति कार्यालय से तत्काल कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।
जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''हाल ही में जेएनयू की कुलपति द्वारा की गई जातिवादी टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए, जनमत संग्रह के माध्यम से छात्रों को अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा कि कुलपति को अपने पद पर बने रहना चाहिए या उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। छात्रों की आवाज़ सुनी जाएगी।''
जेएनयू और विश्वविद्यालय छात्र संघ हाल ही में कई विवादों में घिरे हुए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा जेएनयूएसयू के चार पदाधिकारियों और जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कुमार को दो सेमेस्टर के लिए निलंबित किए जाने के बाद से विश्वविद्यालय परिसर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। निलंबन का यह आदेश 21 नवंबर 2025 को डॉ. बी. आर. आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ''विश्वविद्यालय की संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाने'' के आरोप में जारी किया गया था।
इस घटना के बाद निलंबन आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर और भी अधिक विरोध प्रदर्शन हुए, वामपंथी और दक्षिणपंथी छात्रों के बीच झड़पें हुईं और जेएनयू के कुलपति द्वारा जाति पर कथित विवादास्पद टिप्पणियां की गईं, जिसकी छात्रों के साथ-साथ शिक्षक संगठनों ने भी आलोचना की।
जेएनयूएसयू के एक बयान में कहा गया है, ''पुलिस द्वारा 50 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिए जाने और उनमें से 14 को गिरफ्तार किए जाने के बाद यह सब चरम पर पहुंच गया।''
जेएनयूएसयू सदस्यों ने कहा कि जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष द्वारा कुलपति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) से बार-बार शिकायतें करने और छात्रों तथा शिक्षकों द्वारा शिक्षा मंत्रालय से कुलपति के बयानों पर स्पष्टीकरण देने की बार-बार मांग करने के बावजूद प्राधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण आंदोलन को तेज करने के लिए जनमत संग्रह का आह्वान किया गया है।
जेएनयूएसयू की उपाध्यक्ष गोपिका के. बाबू ने सोमवार को कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे। कुलपति ने हमारी गरिमा और आत्मसम्मान पर हमला किया है। उन्हें कुलपति पद से हटाने की लड़ाई जारी रहेगी।''
भाषा यासिर नरेश
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