इलास्टोकैलोरिक्स, कार्बन सोखने वाला माइक्रोब्स 10 उभरतीय प्रौद्योगिकियों में शामिल: रिपोर्ट
रमण अजय
- 25 Jun 2024, 04:30 PM
- Updated: 04:30 PM
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने आने वाले समय में समाज और अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करनी वाली शीर्ष 10 प्रौद्योगिकियों की पहचान की है। इसमें अधिक कुशल और कम बिजली उपयोग के साथ पर्यावरण अनुकूल तरीके से ठंडा रखने का समाधान उपलब्ध कराने वाली इलास्टोकैलोरिक्स और एकल-कोशिका वाले प्रोटीन से मवेशियों के लिए भोजन जैसी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
विश्व आर्थिक मंच की सालाना सूची में कृत्रिम मेधा युक्त वैज्ञानिक खोज, कार्बन सोखने वाला माइक्रोब्स, ‘रिकॉन्फीग्युरेबल इंटेलिजेंट सरफेसेस’ और हाई एल्टिट्यूड प्लेटफॉर्म स्टेशन को भी शामिल किया गया है।
मंगलवार को जारी रिपोर्ट में डब्ल्यूईएफ ने कहा कि ये शीर्ष 10 उभरती प्रौद्योगिकी स्वास्थ्य, संचार, बुनियादी ढांचा और पर्यावरण अनुकूल उपायों पर केंद्रित हैं।
डब्ल्यूईएफ इस सूची के जरिये ऐसी प्रौद्योगिकियों का चिन्हित किया है, जिसका अगले तीन से पांच साल में समाज और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने वाला है। इसमें शामिल अन्य प्रौद्योगिकियों में ‘इंटिग्रेटेड सेन्सिंग एंड कम्युनिकेशन’ और ‘जिनोमिक्स फॉर ट्रांसप्लांट्स’ शामिल हैं।
डब्ल्यूईएफ के प्रबंध निदेशक और सेंटर फॉर द फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के प्रमुख जेरेमी जुर्गेन्स ने कहा, ‘‘संगठन जब भविष्य को आकार देने वाले कारकों को समझते हैं, तब वे बेहतर विकल्प चुनते हैं। रिपोर्ट उन प्रौद्योगिकियों की पहचान करती है जो समाज और अर्थव्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने के लिए तैयार हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कनेक्टिविटी के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने, जलवायु परिवर्तन की तत्कालिक चुनौतियों का समाधान करने और विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेष को बढ़ावा देने की अपार संभावनाओं वाली प्रौद्योगिकियों का भी उल्लेख है।’’
फ्रंटियर्स के सहयोग से तैयार रिपोर्ट में प्रदर्शित प्रौद्योगिकियों को एक कठोर चयन प्रक्रिया के माध्यम से चिन्हित किया गया है। इसके चयन में दुनियाभर के फ्रंटियर्स नेटवर्क सहित दुनिया के 300 से अधिक अग्रणी शिक्षाविद और विशेषज्ञ शामिल थे।
डब्ल्यूईएफ ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग कई वर्षों से अनुसंधान में किया जा रहा है। गहन शिक्षण, सृजन से संबंधित एआई और फाउंडेशन मॉडल में प्रगति वैज्ञानिक खोज प्रक्रिया में क्रांति ला रही है।
रिपोर्ट में इलास्टोकैलोरिक्स के बारे में कहा गया है, ‘‘जैसे-जैसे वैश्विक तापमान बढ़ता है, ठंडा करने के समाधानों की जरूरतें बढ़ रही हैं। उच्च दक्षता और कम ऊर्जा उपयोग के साथ इलास्टोकैलोरिक्स ‘मैकेनिकल स्ट्रेस’ के तहत गर्मी को छोड़ता और अवशोषित करता है। यह वर्तमान प्रौद्योगिकियों के लिए एक स्थायी विकल्प पेश करता है।
कार्बन को सोखने वाले माइक्रोब्स के बारे में इसमें कहा गया है कि ये जीन संवर्धित जीव उत्सर्जन को जैव ईंधन जैसे मूल्यवान उत्पादों में परिवर्तित करते हैं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
वहीं मवेशियों के लिए वैकल्पिक भोजन के बारे में इसमें कहा गया है कि एकल-कोशिका प्रोटीन, शैवाल और खाद्य अपशिष्ट से प्राप्त पशुधन के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ कृषि उद्योग के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान कर सकता है।
भाषा रमण