नीट: सीबीआई ने कई राज्यों से पांच और मामलों की जांच संभाली, ममता ने मोदी को पत्र लिखा
खारी प्रशांत
- 25 Jun 2024, 12:13 AM
- Updated: 12:13 AM
नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ में कथित गड़बड़ी के पांच नये मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है। इन मामलों की जांच गुजरात, राजस्थान और बिहार की पुलिस कर रही थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को संसद में घेरने के लिए विपक्ष की तैयारी के बीच सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है।
वहीं महाराष्ट्र के लातूर से आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में जिला परिषद स्कूल के एक प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है और एक अन्य शिक्षक को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई यह बात सामने आने के बाद की गई कि कम से कम चार लोग पैसे देकर परीक्षा पास करने को तैयार नीट छात्रों की मदद करने के लिए एक गिरोह चला रहे थे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखकर आग्रह किया कि ‘पेपर लीक’ विवाद को देखते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) खत्म करने और राज्यों द्वारा परीक्षा आयोजित कराने की पुरानी प्रणाली बहाल करने पर विचार किया जाए।
कई विपक्षी सांसदों ने 18वीं लोकसभा के पहले दिन कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संसद में जवाब देना होगा क्योंकि इससे लाखों छात्रों को परेशानी हो रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसे ही लोकसभा में शपथ लेने के लिए आगे बढ़े, विपक्ष के सदस्यों ने ‘‘नीट, नीट’’ के नारे लगाए।
विरोध और मुद्दे पर अदालतों में याचिकाएं दायर किये जाने के बीच, केंद्र ने शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटा दिया था और नीट-यूजी में अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंप दी, जो अब इस मामले में कुल छह मामलों की जांच कर रही है।
प्रदीप सिंह खरोला ने सोमवार को एनटीए के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाला और परीक्षा एजेंसी के अधिकारियों के साथ बैठक की।
शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए के कामकाज की समीक्षा करने और परीक्षा सुधारों की सिफारिश करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की है।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘समिति की आज बैठक हुई और उसे एजेंसी की मौजूदा प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं और प्रत्येक परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या के बारे में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर भी गौर किया।’’
प्रधान ने कहा था कि यह परीक्षा प्रक्रिया की दक्षता में सुधार लाने, सभी संभावित कदाचारों को समाप्त करने, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने और एनटीए में सुधार लाने के लिए उठाए गए कदमों की श्रृंखला में से पहला कदम है।
केंद्र ने हाल में अधिसूचित प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून के तहत नियम सोमवार को सार्वजनिक कर दिए। इसके तहत राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए नियम, मानक और दिशानिर्देश तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के लागू होने के कुछ दिनों के भीतर ही नियमों को अधिसूचित कर दिया गया। यह विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों द्वारा आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ पहला राष्ट्रीय कानून है।
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) नियम, 2024 को 23 जून को जारी और सोमवार को सार्वजनिक किया गया। इसमें ‘‘सार्वजनिक परीक्षा प्राधिकार द्वारा अन्य सरकारी एजेंसियों की सेवाएं लेने’’, ‘‘मानदंडों और दिशानिर्देशों की तैयारी’’ और ‘‘अनुचित साधनों या अपराधों की घटनाओं की रिपोर्टिंग’’ के प्रावधान हैं।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने गुजरात और बिहार से एक-एक मामला और राजस्थान से तीन मामलों को अपनी प्राथमिकी के रूप में फिर से दर्ज किया है, वहीं महाराष्ट्र के लातूर से एक और मामले की जांच भी एजेंसी के अपने हाथ में लेने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि बिहार के मामले को छोड़कर, अन्य चार मामले अभ्यर्थी की जगह अन्य व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने तथा स्थानीय अधिकारियों, निरीक्षकों और अभ्यर्थियों द्वारा धोखाधड़ी से संबंधित छिटपुट मामले प्रतीत होते हैं।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से व्यापक जांच के लिए एक संदर्भ जारी किये जाने पर सीबीआई ने पहले ही मामले के संबंध में अपनी प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अधिकारियों ने बताया कि इन नये मामलों की जांच संभालने के बाद सीबीआई अब ‘राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी) में कथित गड़बड़ी से संबंधित कुल छह मामलों की जांच कर रही है।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने रविवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया, जिससे गिरफ्तार हुए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
सीबीआई ने सोमवार को बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से कथित नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच अपने हाथ में लेने के साथ ही संबंधित सभी साक्ष्य एकत्र किए।
सूत्रों के अनुसार, उप महानिरीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी वाली दो सदस्यीय सीबीआई टीम दिल्ली से राज्य की राजधानी पहुंची और सीधे ईओयू कार्यालय गई। कुछ दिनों तक उनके यहीं रहने की संभावना है।
सीबीआई के अधिकारियों ने औपचारिक रूप से जांच को अपने हाथ में लेने के बाद ईओयू अधिकारियों के साथ मामले पर चर्चा की।
महाराष्ट्र में, पुलिस ने बताया कि उसने रविवार देर रात जिला परिषद स्कूल के प्रधानाध्यापक जलील खान उमर खान पठान को गिरफ्तार कर लिया है और सोमवार को पूछताछ के लिए एक अन्य स्कूल शिक्षक संजय जाधव को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों शिक्षक एक निजी कोचिंग सेंटर का भी संचालन करते हैं।
नीट-यूजी और यूजीसी-नेट में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आप इस पर विचार करें और राज्य सरकारों द्वारा इस परीक्षा को आयोजित करने की पुरानी प्रणाली को बहाल करने तथा नीट को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाएं।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘इस कदम से स्थिति को सामान्य करने में मदद मिलेगी और छात्रों में विश्वास भी बढ़ेगा।’’
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अनिल देसाई ने कहा कि नीट-यूजी विवाद को सुलझाने के लिए कुछ लोगों को गिरफ्तार करने से कहीं अधिक की आवश्यकता है। उन्होंने इस मामले में एक व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता का दावा किया।
मुंबई दक्षिण मध्य के सांसद देसाई ने आरोप लगाया, ‘‘नीट के कारण पूरी प्रतिष्ठा धूमिल हो गई है। केवल एक या दो अधिकारियों को गिरफ्तार करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। एक व्यापक रैकेट काम कर रहा है।’’
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा यह दावा किए जाने के कुछ दिनों बाद कि गिरफ्तार किए गए मुख्य संदिग्ध का संबंध राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव से जुड़े अधिकारियों से है, राजद सांसद मनोज झा ने दावा किया कि पेपर लीक में जिन व्यक्तियों का नाम सामने आ रहा है, उनकी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से निकटता है।
बिहार पुलिस की जांच के अनुसार, मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक हुआ था, लेकिन परीक्षा की शुचिता से समझौता किए जाने की सूचना मिलने के बाद यूजीसी-नेट को परीक्षा आयोजित होने के एक दिन बाद ही रद्द कर दिया गया था। दोनों मामलों की जांच अब सीबीआई कर रही है।
विवाद के बीच सरकार ने दो अन्य परीक्षाएं - नीट-पीजी और सीएसआईआर-यूजीसी नेट - रद्द कर दी हैं।
इस बीच, कांग्रेस से संबद्ध नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।
संसद तक उनके नियोजित मार्च से पहले, पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर दी और 24 से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया जिनमें से कुछ एनएसयूआई के सदस्य थे।
भाषा
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