ाजैक्स का उस समय आउट होना हमारे लिए बड़ा झटका था: जैकब बेथेल
मोना
- 06 Mar 2026, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
(भरत शर्मा)
मुंबई, छह मार्च (भाषा) इंग्लैंड के उभरते सितारे जैकब बेथेल ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ बड़े स्कोर वाले टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर विल जैक्स का आउट होना उनके लिए बड़ा झटका था।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में 254 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेथेल ने 105 रन बनाकर इंग्लैंड की वापसी कराई, लेकिन टीम अंत में सात रन से हार गई।
पावरप्ले में तीन विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड मुश्किल में था। लेकिन जैक्स और बेथेल के बीच 39 गेंद में 77 रन की साझेदारी ने टीम की उम्मीदें जीवंत थीं।
भारत के उपकप्तान अक्षर पटेल ने पहले पावरप्ले में हैरी ब्रूक का शानदार कैच पकड़ा और फिर 14वें ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर डीप प्वाइंट पर शानदार कैच लेकर फॉर्म में चल रहे जैक्स को पवेलियन भेज दिया।
जब बेथेल से पूछा गया कि दोनों में कौन-सा कैच ज्यादा निर्णायक था तो उन्होंने कहा कि उस समय जैक्स का आउट होना उनके लिए ज्यादा बड़ा झटका था।
उन्होंने कहा, ''ब्रूकी का कैच भी अच्छा था, लेकिन उस समय मैच में काफी ओवर बचे थे। लेकिन जब मेरे और जैक्सी के बीच साझेदारी चल रही थी और दबाव के बीच उनका कैच लपका जाना हमारे लिए बड़ा झटका था। ''
बेथेल ने आगे कहा, ''अगर जैक्सी अगले ओवर में भी क्रीज पर रहते, जब बुमराह गेंदबाजी कर रहे थे तो हम उन पर ज्यादा दबाव डाल सकते थे और आखिरी ओवरों में 30 रन की जरूरत नहीं पड़ती। उस विकेट ने मैच का रुख बदल दिया। दोनों ही कैच कमाल के थे। ''
बेथेल ने वरुण चक्रवर्ती का सामना करते हुए लगातार तीन छक्के लगाए जिससे भारतीय 'मिस्ट्री' स्पिनर का मनोबल हिल गया। हालांकि उनके मुताबिक भारत का 'ट्रंप कार्ड' जसप्रीत बुमराह रहे जिन्होंने 18वें ओवर में सिर्फ छह रन देकर मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया।
बाईस साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, ''चक्रवर्ती और बुमराह दोनों ही भारत के 'ट्रंप कार्ड' थे। मैंने शुरुआत से ही चक्रवर्ती पर दबाव बनाने की कोशिश की। जैसे ही कोई गेंदबाज बचाव करने लगता है तभी बल्लेबाज दबाव बनाने की स्थिति में होता है। ''
उन्होंने कहा, ''लेकिन बुमराह की गेदों को हिट करना बहुत मुश्किल है। हमने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपने कौशल का बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल किया। उन्हें पूरा श्रेय जाता है। ''
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भाषा नमिता मोना
मोना
0603 1929 मुंबई