अडाणी-अंबानी पर मेरी टिप्पणी की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पुष्टि की : प्रधानमंत्री मोदी
सुभाष मनीषा
- 20 May 2024, 05:31 PM
- Updated: 05:31 PM
भुवनेश्वर, 20 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई काफी महत्वपूर्ण है और जांच एजेंसियों को बिना हस्तक्षेप के अपना काम करने देना चाहिए।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी ‘अडाणी-अंबानी’ टिप्पणी की, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी पुष्टि की, जब उन्होंने ‘‘स्वीकार किया’’ कि यदि वे (दोनों कारोबारी) ‘‘टेम्पो भर के नोट’’ भेजते हैं तो वह (चौधरी) उनके (अडाणी-अंबानी के) खिलाफ नहीं बोलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा लोकसभा चुनाव के दौरान पहली बार आठ मई को आरोप लगाया था कि कांग्रेस की ‘‘अंबानी और अडाणी’’ के साथ सांठगांठ है। साथ ही, उन्होंने सवाल किया था कि क्या पार्टी (कांग्रेस) को ‘‘टेम्पो भर के नोट’’ मिले हैं ताकि उसके नेता राहुल गांधी उन्हें (दोनों कारोबारियों को) गाली देना बंद कर दें।
लोगों को आश्चर्यचकित करने वाली टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में, कांग्रेस के ‘शहजादे’ के प्रचार अभियान का मुख्य हथकंडा दोनों व्यक्तियों के बारे में एक ही राग अलापना रहा है। और अचानक, चुनाव शुरू होने पर मुख्य प्रचार हथकंडा बदल गया। अचानक यह बदलाव क्यों हुआ?’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी बात की तुरंत ही किसी और ने नहीं, बल्कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने पुष्टि की। अधीर रंजन चौधरी ने स्वीकार किया कि यदि अडाणी-अंबानी टेम्पो भर के नोट भेजते हैं तो वह उनके खिलाफ नहीं बोलेंगे।’’
उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की बात है, तो ये एजेंसियां पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करती हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार और काला धन के मामलों से निपटने में उन्होंने शानदार काम किये हैं। 2014 से पहले, ईडी ने केवल 5,000 करोड़ रुपये जब्त किये थे। मेरे कार्यकाल में, एक लाख करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गईं। हमें अपनी एजेंसियों को बिना हस्तक्षेप के अपना काम करने देना चाहिए।’’
मोदी और केंद्र में उनकी सरकार पर हमले के लिए अब तक कांग्रेस द्वारा इस्तेमाल किये गए ‘अंबानी-अडाणी’ मुद्दे पर विमर्श में बदलाव लाते हुए प्रधानमंत्री ने पूर्व में यह मांग की थी कि पार्टी को बताना चाहिए कि इसने यह मुद्दा उठाना क्यों बंद कर दिया, जबकि इसके ‘‘शहजादे’’ पिछले पांच साल से यह कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या इसने (कांग्रेस ने) कोई सौदा कर लिया है।
कांग्रेस प्रधानमंत्री पर गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी सहित देश के शीर्ष पांच उद्योगपतियों का समर्थन करने का आरोप लगाती रही है।
एक ऑनलाइन मंच को दिये एक साक्षात्कार में, चौधरी से पूछा गया था कि वह अडाणी और अंबानी के खिलाफ बोलते हैं, जिसपर उन्होंने कहा था, ‘‘हां, मैं बोलता हूं क्योंकि वे हमें पैसे नहीं भेजते। यदि वे भेजेंगे, तो लोग चुप हो जाएंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह पैसे मिलने पर चुप हो जाएंगे, चौधरी ने हंसते हुए कहा था, ‘‘पहले उन्हें भेजने दीजिए, फिर हम विचार करेंगे।’’
भाषा सुभाष