बारामूला सीट पर 17 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे उमर, सज्जाद लोन की सियासी किस्मत का फैसला
राजकुमार नरेश प्रशांत
- 19 May 2024, 09:10 PM
- Updated: 09:10 PM
श्रीनगर, 19 मई (भाषा) जम्मू कश्मीर के बारामूला लोकसभा क्षेत्र में 17.37 लाख मतदाताओं में 500 से अधिक सौ साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं और राजनीतिक प्रेक्षक चुनावी रैलियों एवं रोडशो में भारी भीड़ को देखते हुए उच्च मतदान प्रतिशत की उम्मीद कर रहे हैं।
अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद की यह पहली बड़ी राजनीतिक लड़ाई चुनाव मैदान में डटे नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एवं 21 अन्य प्रत्याशियों का राजनीतिक भाग्य तय करेगी।
उत्तर कश्मीर की इस लोकसभा सीट (बारामूला) पर दो महिलाओं समेत 14 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर मध्य एव दक्षिण कश्मीर की तुलना में पारंपरिक रूप से अधिक मतदान होता है। इस निर्वाचन क्षेत्र में सोमवार को मतदान है।
अब्दुल्ला को सज्जाद लोन से कड़ी टक्कर मिल रही है जो अलगाववादी से नेता बने हैं और मंत्री भी रह चुके हैं। लोन पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख हैं। चुनाव प्रचार व्यापक रहा है तथा प्रत्याशियों ने एक दूसरे पर हमला करने के दौरान अपने भाषणों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भी निशाने पर लिया जबकि भाजपा घाटी की तीन संसदीय सीट-- श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग-राजौरी में किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही है।
जेल में बंद आवामी इत्तेहाद पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद की उपस्थिति ने हालांकि मुकाबले को रोचक बना दिया।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने पूर्व राज्यसभा सदस्य मीर मोहम्मद फयाज को अपना प्रत्याशी बनाया है। जेल में बंद अलगाववादी नयीम अहमद खान के भाई मुनीर खान निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में हैं।
अधिकतर प्रेक्षकों को अब्दुल्ला, लोन और राशिद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की आस है। गुलाम नबी आजाद की अगुवाई वाली डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी ने राशिद की उम्मीदवार का समर्थन किया है जबकि अल्ताफ बुखारी की अगुवाई वाली अपनी पार्टी ने लोन के पीछे अपनी ताकत झोंक दी है।
रैलियों और रोडशो में लोगों की उमड़ती भीड़ को देखते हुए राजनीतिक प्रेक्षक उम्मीद कर रहे हैं कि बारामूला कश्मीर में मतदान प्रतिशत का रिकार्ड तोड़ सकता है।
चुनाव प्रशासन ने 1859 रैलियों, सभाओं एवं रोडशो की अनुमति दी थी जबकि 300 आवेदन खारिज कर दिये गये।
बारामूला लोकसभा क्षेत्र में 2019 में 34.17 प्रतिशत मतदान हुआ था तथा कुपवाड़ा जिले में सर्वाधिक 51.7 प्रतिशत, बांदीपुरा में 31.8 प्रतिशत और बारामूला में 24 प्रतिशत मतदान हुआ था।
बारामूला संसदीय क्षेत्र में तीन जिलों-- कुपवाड़ा, बारामूला और बांदीपुरा जिलों के 18 विधानसभा क्षेत्र हैं। उसमें बडगाम के भी दो विधासभा क्षेत्र शामिल हैं जिन्हें दो साल पहले परिसीमन आयोग की सिफारिश पर इस संसदीय क्षेत्र का हिस्सा बनाया गया।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक बारामूला संसदीय क्षेत्र में 17.37 लाख मतदाता हैं तथा उनके मतदान के लिए 2103 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘100 साल से अधिक उम्र के 527 लोग हैं जो मताधिकार के लिए पात्र हैं। (इस निर्वाचन क्षेत्र में) 8,75,831 पुरुष एवं 8,62,000 महिला एवं 34 तृतीय लिंगी मतदाता हैं। 17,000 से अधिक दिव्यांग मतदाता हैं।’’
अधिकारियों ने बताया कि 8000 से अधिक चुनाव कर्मियों को सुचारू मतदान के लिए तैनात किया गया है । उन्होंने कहा कि 28 मतदान केंद्र कुपवाड़ा एवं बारामूला जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में हैं।
इस संसदीय क्षेत्र में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा।
भाषा राजकुमार नरेश