मोदी ने आरकेएम, भारत सेवाश्रम संघ के खिलाफ ममता की टिप्पणी की निंदा की
अमित रंजन
- 19 May 2024, 05:22 PM
- Updated: 05:22 PM
(तस्वीर के साथ)
पुरुलिया/बिष्णुपुर (पश्चिम बंगाल), 19 मई (भाषा) रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों की रविवार को निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस वोट बैंक के ‘‘तुष्टीकरण’’ के लिए इन सामाजिक-धार्मिक संगठनों को धमका रही है।
मोदी ने पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शालीनता की हदें लांघकर इतना नीचे गिर गई है कि वह ‘‘इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के खिलाफ अफवाह फैला रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के दौरान बंगाल की जनता को डराने-धमकाने वाली टीएमसी ने इस बार सारी हदें पार कर दी हैं। आज देश-दुनिया में इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ सेवा और नैतिकता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री उन्हें खुले मंच से खुलेआम धमकी दे रही हैं...वे केवल अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए उन्हें धमकी दे रहे हैं।"
मोदी ने कहा कि इन संगठनों के दुनिया भर में लाखों अनुयायी हैं और उनका उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। मोदी ने रैली में कहा, ‘‘बंगाल सरकार ने उन पर उंगली उठाई है। इतना साहस। सिर्फ अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए?’’
प्रधानमंत्री ने बिष्णुपुर में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी पर "मुस्लिम कट्टरपंथियों के दबाव में" होने और देश के साधु और संतों पर हमला करने का आरोप लगाया।
मोदी ने कहा, ‘‘हताशा में, टीएमसी नेताओं ने इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ जैसे प्रतिष्ठित संगठनों को गालियां देनी शुरू कर दी है। इन संगठनों ने बंगाल का नाम रोशन किया है, लेकिन राज्य की मुख्यमंत्री का दावा है कि ये बंगाल को बर्बाद कर रहे हैं। मुस्लिम कट्टरपंथियों के दबाव में, उन्होंने हमारी आस्था का सार्वजनिक रूप से अपमान किया है।’’
बनर्जी ने आरामबाग लोकसभा क्षेत्र के गोघाट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया था, ‘‘रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संत दिल्ली में भाजपा नेताओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं। जो लोग मंदिरों की देखभाल कर रहे हैं, वे महान आध्यात्मिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन हर कोई ऐसा नहीं कर रहा। हम संतों का सम्मान करते हैं।’’
मोदी ने ‘‘तृणमूल समेत भ्रष्ट ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह मोदी की गारंटी है कि किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चार जून को नयी सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचारियों की जिंदगी जेल में गुजरेगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होगी।’’
मोदी ने कहा कि जब भ्रष्टाचार की बात आती है तो टीएमसी और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेताओं के घरों पर भारी मात्रा में धनराशि मिली है। इसी तरह, टीएमसी के नेताओं को भी नकदी के बंडलों के साथ पकड़ा गया है।"
मोदी ने यह भी दावा किया कि टीएमसी 'मां, माटी, मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आयी लेकिन उनकी रक्षा के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, "टीएमसी अब उसी 'मां माटी मानुष' को निगल रही है।"
मोदी ने टीएमसी की "वोट-बैंक की राजनीति" की आलोचना करते हुए दावा किया कि जो पार्टी "संदेशखालि में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचती थी", अब "महिलाओं पर उंगली उठा रही है जिन्होंने अत्याचार झेला है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, "संदेशखालि की घटनाओं ने बंगाल की महिलाओं को झकझोर कर रख दिया। टीएमसी ने शाहजहां शेख को बचाने के लिए एससी (अनुसूचित जाति) और एसटी (अनुसूचित जनजाति) समुदायों की महिलाओं का अमानवीयकरण किया है। टीएमसी के नेता अत्याचार झेलने वाली महिलाओं पर उंगली उठा रहे हैं।"
मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जब संदेशखालि महिलाओं के कई कथित वीडियो सामने आये है, जिसमें दावा किया गया है कि भाजपा की एक स्थानीय नेता ने उन महिलाओं से कोरे कागजात पर हस्ताक्षर कराए, जिन्हें बाद में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के रूप में भर दिया गया।
हालांकि, प्रधानमंत्री ने उन वीडियो का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया।
पीटीआई उन वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका, जिसने राज्य के राजनीतिक माहौल को पिछले कुछ दिनों से गर्म रखा है।
भाषा अमित